श्रद्धापूर्वक मनाया गया बुद्ध पूर्णिमा समारोह: शांति और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प
लखनऊ। डॉ. अम्बेडकर सामाजिक एकता मंच के तत्वावधान में मार्टिन पुरवा, हजरतगंज स्थित बुद्ध मंदिर में बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुभारंभ मुख्य अतिथि और संगठन के अध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और बुद्ध वंदना के साथ की गई।
समारोह को संबोधित करते हुए चौधरी वीरेंद्र कुमार ने भगवान बुद्ध के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि
भगवान बुद्ध का जन्म लगभग 563 ईसा पूर्व लुंबिनी में सिद्धार्थ गौतम के रूप में हुआ था।
एक राजकुमार होने के बावजूद, जीवन का वास्तविक सत्य खोजने के लिए उन्होंने राजमहल के सुखों का त्याग कर अध्यात्म की राह चुनी।
तथागत बुद्ध मात्र एक गुरु नहीं, बल्कि एक महान विचारक और ज्ञान के पुंज थे।
संगठन के अध्यक्ष ने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और अहिंसा के संदेश अत्यंत प्रासंगिक हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही हम मन को शुद्ध कर समाज में प्रेम और आपसी भाईचारा स्थापित कर सकते हैं।
इस अवसर पर बुद्ध के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में अभिनव चौधरी,निहारिका,गरिमा गौतम, संजीता,मनीष कुमार,माया देवी, सरोज देवी, विनय कुमार, वंदना कुमारी, अक्षिता कुमारी सहित तमाम श्रद्धालु उपस्थित रहें।
समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने तथागत बुद्ध की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने की शपथ ली।

