श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

17 अक्टूबर- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

जब तें प्रभु पद पदुम निहारे ।
मिटे दुसह दुख दोष हमारे ।।
बचन सुनत पुरजन अनुरागे ।
तिन्ह के भाग सराहन लागे ।।
( अयोध्याकाण्ड 250/4)
राम राम जी 🙏🙏
अवध व मिथिला का समाज श्री राम जी को मनाने के लिए श्री भरत व श्री जनक जी के साथ चित्रकूट आया हुआ है । कोल किरात आदि वन में रहने वालों को जब यह पता चलता है तो वे कंद , मूल , फल आदि लेकर आते हैं और सभी को बिना कुछ लिए देतें हैं । सभी कुछ देना चाहते हैं पर वे लेते नहीं हैं । वे कहते हैं कि हममे धर्मबुद्धि कहाँ? यह तो सब श्री राम दर्शन का प्रभाव है । जब से प्रभु के दर्शन हुए हैं हमारे दुख व दोष समाप्त हो गये हैं । उनके वचनों को सुनकर सभी उनके भाग्य की सराहना करते हैं ।
आत्मीय जनों ! सत्य राम , धर्म राम का साथ व साहचर्य करने पर ही हमारे असत्य व अधर्म का नाश हो सकता है और हम सत्य व धर्म में लग सकते हैं । अतएव सत्य व धर्म का पालन करने के लिए श्री राम जी का साथ करें , श्री राम जी के साथ रहें । अथ….. श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम । सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

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