श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

11 दिसंबर. श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏

द्वापर करि रघुपति पद पूजा।
नर भव तरहिं उपाय न दूजा ।
कलियुग केवल हरि गुन गाहा
गावत नर पावहिं भव थाहा ।
( उत्तरकांड 102/2)
राम राम जी 🙏🙏
काकभुसुंडि जी गरूड़ महाराज को अपने पूर्व जन्म की कथा सुना रहें हैं । उस समय कलियुग था। वे कहते हैं कि द्वापर में श्री राम चरणों की पूजा करके मनुष्य संसार से तर जाते थे, कोई दूसरा उपाय न था ।कलियुग में केवल भगवान की गुणगाथाओं का गान करके मनुष्य भव सागर की थाह पा जाते हैं ।
बंधुओं ! कलियुग में संसार सागर से पार पाने का उपाय केवल हरि गुणगान है परंतु यह तभी संभव है जब मलिन मानव अपना गुणगान करना छोड़ देता है। अतः अपना नहीं श्री राम का गुणगान और श्री सीताराम नाम का भजन निरन्तर करते रहें। अथ……श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम, जय सियाराम जय जय सियाराम, जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम ।
सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩 संकलन तरुण जी लखनऊ

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