[ 01 जनवरी- श्रीरामचरितमानस
प्रीति सहित सब भेटे
रघुपति करुना पुंज ।
पूँछी कुसल नाथ अब
कुसल देखि पद कंज ।।
( सुंदरकांड , दो. 29)
राम राम🙏🙏
हनुमान जी लंका दहन करके व चूड़ामणि लेकर राम दल में लौट आए हैं । सभी कपि प्रसन्न होते हैं । हनुमान जी की करनी को सुग्रीव को बताया जाता है । सुग्रीव उन्हें गले लगाकर कपियों के साथ राम जी के पास आते हैं । कपियों को आते देखकर राम जी काज पूरा हुआ जान हर्षित हो जाते हैं । सभी कपि आकर प्रभु के चरण पड़ते हैं । राम जी ने सबको प्रेम से गले लगाया है , सबकी कुशल पूछी है । सबने कहा कि आपके चरणों के दर्शन पाकर अब कुशल हो गई है ।
राम जी का स्वभाव है प्रेम देना व जीव की कुशल करना । जो भी राम जी के पास आया , वह राम प्रेम पाया । जो राम प्रेम पाना चाहता है उसे अपना मन व चरण राम जी की ओर उन्मुख करना होगा । ऐसा करने पर राम जी उसे गले लगाएँगे। अतएव राम प्रेम पाने हेतु मन व कर्म से , जय जय राम चरण , जय राम शरण 🚩🚩🚩
Jnp: 2 जन.24 -श्रीरामचरितमानस,
नमो राघवाय 🙏
नामु राम को कल्पतरु
कलि कल्यान निवासु ।
जो सुमिरत भयो भाँग तें
तुलसी तुलसीदास ।।
( बालकांड, दो. 26 )
राम राम🙏🙏
मानस जी आरंभ में राम नाम की महिमा का बखान करते हुए तुलसी बाबा कहते हैं कि कलियुग में राम नाम कल्पवृक्ष व कल्याण का निवास है जिसका स्मरण करके भाँग सा तुलसीदास तुलसी के समान पावन हो गया ।
कलियुग में राम नाम हमारी वांछित ज़रूरतों को पूरा करने वाला व कल्याण का धाम है । इसका सुमिरन करने वाला कैसा भी हो वह पावन हो जाता है । तो आइए नए साल 2024 में राम नाम सुमिरन कर अपने को बेहतर कर लेते हैं । अस्तु पूरे साल ! राम राम जय राम राम 🚩🚩🚩

