श्री राम लखन धार्मिक लीला कमेटी की रामलीला के नौवें दिन विभीषण की शरणागति से लेकर मेघनाथ और कुंभकरण वध तक की लीलाओं का हुआ मंचन

ब्यूरो चीफ / सत्य प्रकाश उपाध्याय
नोएडा, 19 अक्टूबर। श्री राम लखन धार्मिक लीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला के नौवें दिन सोमवार को पूर्व विधायक विमला बाथम ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा पूजा-अर्चना के साथ की गई। इस दौरान कार्यक्रम अध्यक्ष अभिषेक जैन और राजकुमार गोयल के अलावा जॉइंट पुलिस कमिश्नर राजीव नारायण मिश्रा तथा एडिशनल डीसीपी नोएडा अभय कुमार मिश्रा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि विमला बाथम ने रामलीला के सफल आयोजन के लिए समिति के पदाधिकारियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की लीलाएं भारतीय संस्कृति, सभ्यता और पारिवारिक मूल्यों का महत्वपूर्ण संदेश देती हैं। परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ बैठकर रामलीला का मंचन देखना चाहिए। इससे बच्चों और नई पीढ़ी को धार्मिक परंपराओं, संस्कारों और नैतिक मूल्यों की जानकारी मिलती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीराम ने अपने आचरण से यह संदेश दिया कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को अच्छे संस्कार देने और आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देने का माध्यम भी है।
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में अग्रवाल मित्रमंडल के पूर्व अध्यक्ष सुधीर मित्तल, महर्षि सत्य सनातन विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ. हरीश मिश्रा, भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विनोद त्यागी, जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र गुप्ता, पंजाबी विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष वीरेंद्र मेहता, नोएडा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सुनील चौधरी, त्रिलोक शर्मा, संजीव गुप्ता, सेक्टर-47 के अध्यक्ष प्रवेश शर्मा, संजय चौहान, प्रशांत अग्रवाल और अमित कुमार जैन सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। रामलीला समिति के अध्यक्ष विपिन अग्रवाल और महासचिव गिरिराज अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया।
विभीषण की शरणागति से मेघनाथ वध तक का मंचन
सोमवार को रामलीला के मंचन में पंडित कृष्ण स्वामी ने विभिन्न प्रसंगों का सजीव चित्रण किया। मंचन के दौरान विभीषण द्वारा रावण को समझाने और उसके अनुचित निर्णयों का विरोध करते हुए लंका छोड़कर भगवान श्रीराम की शरण में जाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसके बाद वानर सेना द्वारा समुद्र पर रामसेतु का निर्माण, रामेश्वर मंदिर की स्थापना और युद्ध से पहले रावण को समझाने के लिए अंगद को लंका भेजने की लीला दिखाई गई।
अंगद-रावण संवाद के दौरान धर्म और अहंकार के बीच संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके बाद लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच भीषण युद्ध, लक्ष्मण को शक्ति बाण लगने तथा हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाकर उनके प्राण बचाने के प्रसंग का मंचन हुआ। लक्ष्मण के स्वस्थ होने के बाद युद्धभूमि में मेघनाथ वध और कुंभकरण वध की लीलाओं ने दर्शकों को आकर्षित किया। इन प्रसंगों के माध्यम से धर्म की रक्षा, भाईचारे, साहस और अधर्म के अंत का संदेश दिया गया।
समिति के पदाधिकारी और गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर आयोजन समिति के चेयरमैन एवं प्रिया गोल्ड के सीएमडी मनोज अग्रवाल, वाइस चेयरमैन राजेंद्र जैन, पूनम सिंह, समिति अध्यक्ष विपिन अग्रवाल, महासचिव गिरिराज अग्रवाल, कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, पंडित कृष्ण स्वामी, संजय गोयल, आलोक गुप्ता, गौरव कुमार यादव, रामवीर यादव, अशोक गोयल, विकास बंसल, संदीप अग्रवाल, सुशील कुमार सिंघल, पीयूष गोयल, कार्तिक मिश्रा, रामरतन शर्मा, डॉ. योगेंद्र सिंह, अरुण चौहान, सुमित अग्रवाल, डॉ. श्वेता गोयल, शुभम गर्ग, रमेश गोयल, शेषनाथ मिश्रा और मुकेश शर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा संजय अवाना, संजय बजाज, आकाशदीप गुप्ता, सत्येंद्र सिंघल, अरुण बंसल, सुखपाल सिंह, सुरेंद्र कुमार राजपूत, दीपक बंसल, दिनेश बंसल, सुरेंद्र चौहान, नितिन गुप्ता, प्रमोद पाठक, संजय गुप्ता, शरद मित्तल, मनोज गोयल, कर्ण गर्ग, एसके शुक्ला, डॉ. एसपी जैन, विशाल शर्मा, प्रवीण गुप्ता, अंकित यादव, विजेंद्र सिंह, राजीव शर्मा, मनोज शर्मा, विवेक चौहान, हरीश शर्मा, आशु गुप्ता, ज्ञानेंद्र शर्मा, जितेंद्र चतुर्वेदी, एसके अग्रवाल, पवन चावला और संदीप विरमानी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे |

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