श्री श्री बाल रामलीला समिति में लक्ष्मण शक्ति कुंभकरण वध का मंचन
प्रयागरा। श्री श्री बाल रामलीला समिति सिविल लाइंस प्रयागराज में रविवार को लक्ष्मण शक्ति, मेघनाथ वध, कुंभकरण वध, रावण वध की लीला का मंचन किया गया।
युद्ध में लगातार हार मिलने के बाद रावण अपने भाई कुंभकरण को गहरी नींद से जगाता है, जिसे जगाने के लिए ढोल-नगाड़ों और विभिन्न उपायों का सहारा लिया जाता है।
कुंभकरण युद्ध मैदान में आकर हनुमान और सुग्रीव सहित वानर सेना से भयंकर युद्ध करता है। अंततः भगवान श्रीराम कुंभकरण का वध करते हैं। इसके बाद मेघनाद वध और लक्ष्मण मूर्छित होने जैसे प्रसंगों का भी मंचन होता है।
प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लेकर लक्ष्मण युद्ध भूमि में चलते हैं जहां उनके सामने रावण का बलशाली पुत्र मेघनाथ रणभूमि में खड़ा है। दोनों योद्धाओं में भयंकर युद्ध होता है। जब मेघनाथ को यह लगता है कि लक्ष्मण को पराजित नहीं कर पाएगा तब वह शक्तिवाण का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। पूरे राम सेना में हाहाकार मच जाता है। तत्पश्चात हनुमान लक्ष्मण को लेकर प्रभु श्री राम के पास आते हैं, जहां श्री राम जी लक्ष्मण की दशा को देखकर के विलाप करने लगते हैं और सबसे बुद्धिमान मंत्री जामवंत से लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए उपाय पूछते हैं।
20 अक्टूबर 2026 को श्री राम राज्याभिषेक लवकुश का मंचन किया जाएगा।

