सतत पर्यटन प्रबंधन पर छह दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन
अयोध्या। सतत पर्यटन प्रबंधन विषय पर आयोजित छह दिवसीय कार्यशाला आज सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय संस्कृति के संवर्धन और आधुनिक तकनीक के समन्वय से जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना रहा। अंतिम दिन तकनीकी सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने विचार साझा करने के क्रम में प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बजट नियंत्रण एवं वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन को रेखांकित किया। डॉ. गीतिका श्रीवास्तव ने पर्यटन विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रयोग से पर्यावरण-अनुकूल रणनीतियों पर प्रकाश डाला। डॉ. अनुराग तिवारी ने आतिथ्य क्षेत्र में ग्राहक अनुभव बेहतर बनाने हेतु ए आई के व्यावहारिक अनुप्रयोग बताए। डॉ. रवींद्र भारद्वाज ने प्राकृतिक व सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के संसाधनों पर चर्चा की। समापन सत्र में विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा एवं आई क्यू ए सी के निदेशक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। एमबीए टूरिज्म व हॉस्पिटैलिटी के छात्र-छात्राओं (अराध्या, प्रिंस तिवारी, निमिषा व सत्यम) ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कार्यशाला से उन्हें विरासत संरक्षण, कचरा प्रबंधन और स्थानीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण की नई दृष्टि मिली। अंत में संयोजकों ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

