सेठ एम आर जयपुरिया गोयल कैंपस ने ज़ेबा इंटरनेशनल एजुकेशनल स्कालरबर्ड के सौजन्य से वैश्विक करियर मेले का आयोजन किया

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। प्रत्येक व्यक्ति के जीवन मे एक सही दिशा, लक्ष्य एवं सही मार्गदर्शक की तलाश होती हैं। हमारे युवा पीढ़ी में भी अपने अध्ययन व अपने भविष्य को लेकर विचार सदैव ही उत्पन्न होते ही है, और वो अपनी तलाश को पाने के लिए कुछ भ्रमित भी है। ऐसे युवाओं और छात्रों की जिज्ञासाओं को शांत करने का प्रयास सेठ एम आर जयपुरिया गोयल कैंपस ने ज़ेबा इंटरनेशनल एजुकेशनल स्कालरबर्ड के सौजन्य से वैश्विक करियर मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीपप्रज्वलन के साथ हुआ। डॉ. मोहम्मद अम्मार रिज़वी (पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री) महेश अग्रवाल (अध्यक्ष, गोयल ग्रुप ऑफ इंसिटीट्यून्स), ज़ेबा प्रवीण ‘ZIES’ की संस्थापक व निदेशक विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. रीना पाठक तथा लखनऊ के अन्य प्रख्यात विद्यालयों के प्राचार्य इस अद्भुत कार्यक्रम के साक्षी बने। मुख्य अतिथि ने युवाओं की उत्सुकता, जोश का उत्साहवर्धन कुछ पंक्तियों द्वारा किया- एक राष्ट्र की विशेष आशा देश की युवओं की उचित शिक्षा में निहित है। इस सराहनीय प्रयास के लिए विद्यालय को बधाई दी। वहीं गोयल ग्रुप ऑफ इंसिटीटूट्यून्स के चेयरमैन महेश अग्रवाल ने युवाओं को आने वाले प्रतिस्पर्धा और स्वयं को सदैव तैयार रखने के लिए प्रेरित किया और अपने भाषण में विशेष पंक्तियों को जोड़ते हुए कहा- शिक्षा का पूर्ण उद्देश्य दर्पण को खिड़कियों में बदलना उन्हें समाज का एक उत्पादक और उठप्रेरक बनना विशेष रूप से युवाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। क्योंकि उन्हें अपने समाज में नई संभावनाओं को जगाना है एक मार्गदशक कि भूमिका निभानी है और यह वैश्विक करियर मेला एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। अपने शिक्षार्थियों को विश्व स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में आत्मविश्वास से भरा एक उज्जवल भविष्य की अच्छी शुरुआत है। इस कार्यक्रम को कक्षा10-12 तथा स्नातक के शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरास्ट्रीय विश्वविद्यालयों से जुड़ने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया गया है। एक प्रांगण में लगभग 30 से अधिक ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, दुबई, स्कॉटलैंड, स्विजरलैंड, यूके, यू एस ए तथा भारत सहित कई देशों के विश्वविद्यालयों ने अपने प्रतिनिधियों के साथ 800 से 1000 से अधिक छात्रों ने शिरकत किया और युवाओं ने अपनी उड़ान के संभव अवसर और पाठ्यक्रम प्राप्त हुआ। डॉ. रीना पाठक (प्रधानाचार्या) ने अपने निष्कर्ष भाषण में कहा कि सफलता की संभावना तब अधिक होती है जब व्यक्ति इस बारे में निर्णय लेते हैं कि उन्हें क्या सीखना है क्या आपने उसे व्यवस्थित तरीके से सीखा है तथा उसे अपनी रुचियों, क्षमताओं, आकांक्षाओं से जोड़ते हैं, और फिर उन मौजूदा अवसरों के बारे में सूचित किया जाता है जिनके लिए वे सतत प्रयास कर रहे उनका सही मार्गदर्शन किया जा सकता है। छात्रों के लिए बहुत सारे विकल्प उनका इंतजार कर रहे हैं, नये शिक्षा अवसर पाठ्यक्रम, स्कॉलरशिप और विभिन्न सुविधाओं से उनकी आकांक्षाओं को एक नई उड़ान मिलेगी।

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