ब्यूरो चीफ / सत्य प्रकाश उपाध्याय
स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में फैली आशंकाओं और शिकायतों पर विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) रत्नेश जायसवाल ने स्पष्टता दी है। उन्होंने कहा कि मीटर के “तेज चलने”, रिचार्ज के तुरंत खत्म होने या एक दिन में अधिक बिल बनने जैसी बातें अधिकांशतः भ्रांतियां हैं।
हर जगह नहीं, लेकिन नेटवर्क वाले क्षेत्रों में अनिवार्य
एक्सईएन के अनुसार, एक अप्रैल को जारी गजट के प्रावधानों के तहत जहां नेटवर्क की समस्या है वहां पोस्टपेड मीटर लगाए जाएंगे। वहीं जिन क्षेत्रों में नेटवर्क सुचारु है, वहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि फतेहपुर के तीनों डिवीजनों में नेटवर्क की स्थिति बेहतर है, इसलिए यहां 100% प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। नए कनेक्शनों पर पहले से ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि पुराने कनेक्शनों में भी मीटर बदलने का काम जारी है।
डिवीजन प्रथम में कुल 1.72 लाख उपभोक्ता हैं, जिनमें से अब तक लगभग 68 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 64 हजार उपभोक्ताओं को प्रीपेड प्रणाली में परिवर्तित किया जा चुका है।
एक्सईएन ने बताया कि यदि उपभोक्ता पर कोई बकाया नहीं है और वह एडवांस रिचार्ज करता है, तो उसे 2% अतिरिक्त लाभ मिलता है। उदाहरण के तौर पर, 1000 रुपये के रिचार्ज पर उपभोक्ता 1020 रुपये तक की बिजली उपयोग कर सकता है।
अब बिजली का बिल प्रतिदिन के आधार पर तैयार होता है, जिसमें यूनिट खपत, फिक्स चार्ज और ब्याज का समावेश होता है, जबकि पहले यह मासिक आधार पर बनता था।
बिजली दरें (प्रति यूनिट)
शहरी क्षेत्र:
150 यूनिट तक: ₹5.50
151–300 यूनिट: ₹6.00
300 यूनिट से अधिक: ₹6.50
ग्रामीण क्षेत्र:
100 यूनिट तक: ₹3.35
101–150 यूनिट: ₹3.85
150 यूनिट से अधिक: ₹5.50
अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रणाली पारदर्शिता और नियंत्रण बढ़ाने के लिए लागू की जा रही है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे भ्रांतियों पर ध्यान न देकर सही जानकारी के आधार पर इस नई व्यवस्था को अपनाएं।

