11 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में गूंजा राष्ट्र निर्माण और विश्व कल्याण का संदेश

11 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में गूंजा राष्ट्र निर्माण और विश्व कल्याण का संदेश

 

बेंगलुरु।

 

परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के सूक्ष्म संरक्षण में चेन्नेनहल्ली (मागड़ी रोड), बेंगलुरु स्थित मेधा दक्षिणामूर्ति मंदिर में 11 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम दीर्घायु योग केंद्र के तत्वावधान में सुरेश एन. एवं राघवेंद्र एल. के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें 200 से अधिक श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियाँ अर्पित कीं तथा राष्ट्र को जागृत एवं समर्थ बनाने व विश्व कल्याण की मंगलकामना की।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वेद विज्ञान गुरुकुलम् के कुलाधिपति प्रोफेसर रामचंद्रजी भट्ट ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने युगों से सीमित दायरे में रखे गए गायत्री महामंत्र को जन-जन तक पहुँचाकर एक आध्यात्मिक क्रांति का सूत्रपात किया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव के दूरदर्शी चिंतन, तप और अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि आज गायत्री मंत्र किसी जाति, वर्ग या समुदाय विशेष तक सीमित न रहकर सम्पूर्ण मानवता के कल्याण का “विश्व मंत्र” बन चुका है।

 

उन्होंने आगे कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति की वह वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक परंपरा है जो व्यक्ति, परिवार, समाज और राष्ट्र के चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम है। आज जब समाज अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, तब यज्ञीय जीवनदर्शन, नैतिकता, सदाचार और संस्कारों की पुनर्स्थापना समय की आवश्यकता है।

 

इस अवसर पर गायत्री परिवार कर्नाटक के कार्यकर्ताओं ने “यज्ञ के द्वारा राष्ट्र निर्माण” का संदेश देते हुए उपस्थित जनसमूह से श्रेष्ठ चिंतन, सद्भावना, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण एवं संस्कार संवर्धन के लिए सक्रिय योगदान का आह्वान किया।

 

महायज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, दीपयज्ञ एवं सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *