(नईदिल्ली)मैट रेनशॉ बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट में करेंगे ओपनिंग, कप्तान पैट कमिंस ने की पुष्टि

(नईदिल्ली)मैट रेनशॉ बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट में करेंगे ओपनिंग, कप्तान पैट कमिंस ने की पुष्टि

नईदिल्ली,21 अगस्त। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के कप्तान पैट कमिंस ने पुष्टि कर दी है कि सलामी बल्लेबाज मैट रेनशॉ बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाफ शनिवार से मैके में शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट मैच में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे। डार्विन टेस्ट में बांग्लादेश से मिली 9 विकेट की करारी शिकस्त के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम प्रबंधन ने जेक वेदरहल्ड को टीम से बाहर कर रेनशॉ को वापस बुलाया है। रेनशॉ इस मुकाबले में पारी की शुरुआत (ओपनिंग) करते नजर आएंगे।

पहले टेस्ट में वेदरल्ड के स्कोर 23 और 0 के रहे थे। इसके चलते रेनशॉ को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया है।

यह रेनशॉ का 15वां और 2023 के बाद पहला टेस्ट होगा।

ब्रिसबेन में टीम के साथ प्रशिक्षण के बाद उन्हें इस सीरीज के लिए स्टैंडबाय पर रखा था।

2016 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले रेनशॉ अब तक 29.31 के औसत से 645 रन बना चुके हैं। इसमें एक शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं।

रेनशॉ का पिछला घरेलू सीजन काफी प्रभावशाली रहा था, उन्होंने शेफील्ड शील्ड में 3 शतकों के साथ 49.90 की औसत से रन बनाए थे।

उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की सीमित ओवर की क्रिकेट टीम में भी सफलतापूर्वक वापसी की है और इस साल की शुरुआत में मैट शॉर्ट की जगह टी-20 विश्व कप टीम में देर से शामिल हुए।

अब यह बाएं हाथ का बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई टीम में भी अपनी छाप छोड़ने का लक्ष्य रखेगा।

डेविड वार्नर के साल 2024 की शुरुआत में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से ऑस्ट्रेलियाई टीम में ओपनिंग पोजीशन लगातार अस्थिर रही है।

उस्मान ख्वाजा के अलावा, वॉर्नर के जाने के बाद से मैट रेनशॉ ऑस्ट्रेलिया के लिए ओपनिंग करने वाले 7वें बल्लेबाज होंगे।

वह मैके टेस्ट में वे ट्रेविस हेड के साथ पारी की शुरुआत करेंगे, जो एशेज सीरीज की सफलता के बाद से लगातार ओपनर की भूमिका निभा रहे हैं।

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(नईदिल्ली)हेडिंग्ले टेस्ट: अली उस्मान ने झटका पहला 5 विकेट हॉल, ये रिकॉर्ड किए अपने नाम

नईदिल्ली,21 अगस्त। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बाएं हाथ के स्पिनर अली उस्मान ने इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ हेडिंग्ले में शुरू हुए सीरीज के पहले टेस्ट के दूसरे दिन शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट अपने नाम किए। यह उनके टेस्ट क्रिकेट करियर का पहला ही 5 विकेट हॉल रहा। हालांकि, उनकी इस शानदार गेंदबाजी के बाद भी इंग्लैंड की टीम मेहमान टीम के खिलाफ मजबूत बढ़त हासिल करने में सफल रही है। आइए उस्मान की गेंदबाजी और आंकड़े जानते हैं।

उस्मान ने इंग्लैंड को उसकी पहली पारी में 198 रन के कुल स्कोर पर जॉर्डन कॉक्स (73) के रूप में तीसरा झटका देते हु पारी में अपने विकेटों का खाता खोला।

इसके बाद भी उनकी शानदार गेंदबाजी जारी रही और उन्होंने डेन लॉरेंस (51), हैरी ब्रूक (91), जेमी स्मिथ (16) और ओली रॉबिन्सन (0) को भी अपना शिकार बनाया।

उस्मान पारी में अब तक 23 ओवर में एक मेडन के साथ 92 रन खर्च कर चुके हैं।

उस्मान हेडिंग्ले में टेस्ट में 5 विकेट हॉल लेने वाले पिछले 54 सालों में दुनिया के पहले मेहमान स्पिनर हैं। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया के एशले मैलेट ने 1972 में यह कारनामा किया था।

इसी तरह उस्मान टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में इंग्लैंड में 5 विकेट हॉल लेने वाले पाकिस्तान के पहले बाएं हाथ के स्पिनर बन गए हैं।

उस्मान साल 2016 में लॉर्ड्स में यासिर शाह (6/72) के प्रदर्शन के बाद 5 विकेट हॉल लेने वाले पहले पाकिस्तानी स्पिनर हैं।

साल 2020 में ओल्ड ट्रैफर्ड (मैनचेस्टर) के मैदान पर वेस्टइंडीज के रोस्टन चेज (5/177) के बाद उस्मान इंग्लैंड में 5 विकेट चटकाने वाले दुनिया के पहले मेहमान स्पिनर बने हैं। उस्मान का यह स्पेल (5/92) चेज से किफायती रहा है।

उस्मान ने इसी साल वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का आगाज किया था।

वह अब तक 3 टेस्ट खेल चुके हैं, जिसकी 4 पारियों में 22.36 की औसत और 2.73 की इकॉनमी से 11 विकेट अपने नाम कर चुके हैं।

उन्होंने एक बार 5 विकेट हॉल के साथ एक बार 4 विकेट हॉल भी अपने नाम किया। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इसकी पारी में आया है।

वह टीम में अपनी जगह पक्की करने का प्रयास कर रहे हैं।

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(नईदिल्ली)पूर्व क्रिकेटर जैकब मार्टिन को 22 साल पुराने मामले में बड़ी राहत, अदालत ने किया सभी आरोपों से बरी

नईदिल्ली,21 अगस्त। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और वडोदरा निवासी जैकब मार्टिन को दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने 22 साल पुराने आपराधिक मामले में बड़ी राहत दी है। अदालत ने वर्ष 2004 में दर्ज प्राथमिकी से जुड़े मामले में मार्टिन को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत के फैसले के बाद भावुक हुए मार्टिन ने कहा कि उन्हें बड़े क्रिकेटर होने की वजह से इस मामले में घसीटा गया और पिछले 22 वर्षों के दौरान उन्हें काफी मानसिक और व्यक्तिगत परेशानियों का सामना करना पड़ा।

धोखाधड़ी और जालसाजी समेत कई धाराओं में दर्ज था मामला

जैकब मार्टिन के खिलाफ वर्ष 2004 में धोखाधड़ी, जालसाजी, जाली दस्तावेज का इस्तेमाल, आपराधिक साजिश और पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

उन पर ब्रिटेन के फर्जी आव्रजन मुहर लगाने और अवैध यात्रा की व्यवस्था कराने जैसे आरोप लगाए गए थे। मामले की जांच के दौरान उनका नाम भी सामने आया और उन्हें आरोपी बनाया गया।

हालांकि, सुनवाई के दौरान अदालत के सामने ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं आया, जिससे यह साबित हो सके कि मार्टिन ने मामले में वित्तीय लेन-देन किया था या ‘अजवा स्पोर्ट्स क्लबÓ पर उनका स्वामित्व था। पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।

2004 में इंग्लैंड गई थी क्रिकेट टीम

अदालत के फैसले के बाद मार्टिन ने मामले की पूरी पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि वर्ष 2004 में उनकी एक क्रिकेट टीम इंग्लैंड खेलने गई थी। टीम के सभी सदस्य भारत लौट आए, लेकिन एक खिलाड़ी वहीं रुक गया। उसका वीजा छह महीने के लिए था, लेकिन उसने निर्धारित अवधि से अधिक समय तक ब्रिटेन में प्रवास किया।

मार्टिन के अनुसार, भारत लौटने के लिए उस खिलाड़ी ने किसी व्यक्ति के माध्यम से अपने पासपोर्ट पर फर्जी मुहर लगवा ली थी। भारत पहुंचने पर उसे ब्रिटेन से निर्वासित कर दिया गया और दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पकड़ा गया।

‘बड़ा नाम होने की वजह से मुझे मामले में घसीटा गयाÓ

मार्टिन ने कहा कि प्राथमिकी में उनका नाम तक नहीं था, लेकिन जांच के दौरान उन्हें भी मामले में शामिल कर लिया गया। उनके अनुसार, वह उस समय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर थे और उनका नाम बड़ा होने की वजह से जांच का दायरा उनके तक पहुंचा।

उन्होंने कहा कि पिछले 22 वर्षों के दौरान उन्हें इस मामले के कारण काफी तनाव झेलना पड़ा। उनका दावा है कि इस दौरान उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से भी कोई जवाब नहीं मिला और उनकी रेलवे की नौकरी भी चली गई।

मार्टिन ने अदालत के फैसले को अपने जीवन के लिए बड़ी राहत बताते हुए कहा कि इतने लंबे समय के बाद आया यह निर्णय उनके लिए बहुत बड़ा मोड़ है। उन्होंने इसे अपने जीवन के लिए एक बड़ी राहत और मुआवजे के समान बताया।

भारत के लिए खेले थे 10 एकदिवसीय मैच

जैकब मार्टिन दाएं हाथ के बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 10 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले थे। इन मैचों में उन्होंने 22.57 की औसत से कुल 158 रन बनाए।

घरेलू क्रिकेट में मार्टिन ने बड़ौदा की ओर से प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला और उनका रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा। क्रिकेट से जुड़े करियर के बाद लंबे समय तक चले इस कानूनी मामले से उन्हें व्यक्तिगत और पेशेवर स्तर पर काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

22 साल पुराने मामले में अदालत से पूरी तरह बरी होने के बाद मार्टिन ने अब इस फैसले को अपने जीवन में नई शुरुआत का अवसर बताया है।

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(नईदिल्ली)बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप 2026: ट्रीसा-गायत्री ने रचा इतिहास, क्वार्टर फाइनल जीतकर पक्का किया पदक

नईदिल्ली,21 अगस्त। भारत की गैर-वरीयता प्राप्त युवा महिला युगल जोड़ी ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने अपनी चमत्कारी फॉर्म जारी रखते हुए बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 में भारत का पहला पदक सुनिश्चित कर दिया है। इस जोड़ी ने नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर एरिना में खेले गए क्वार्टर फाइनल में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी जिया यिफान और झांग शुक्सियन को 16-21, 21-15, 21-13 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। ऐसे में अब उनका पदक जीतना पक्का है।

ट्रीसा और गायत्री की भारतीय जोड़ी ने चीनी जोड़ी के खिलाफ अपने 0-3 के रिकॉर्ड के बावजूद हार नहीं मानी और शानदार खेल दिखाते हुए जीत दर्ज की।

चीनी जोड़ी ने पहला सेट 16-21 से अपने नाम कर ट्रीसा-गायत्री पर दबाव बनाया था।

हालांकि, भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में दमदार प्रदर्शन करते हुए 21-15 से जीत हासिल कर ली।

इसके बाद निर्णायक सेट में भारतीय जोड़ी ने विरोधियों को कोई मौका नहीं दिया और 21-13 जीत दर्ज कर ली।

भारतीय बैडमिंटन इतिहास में महिला युगल को हमेशा से एक कठिन श्रेणी माना जाता रहा है।

साल 2011 में जब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था, उसके बाद से कोई भी भारतीय महिला जोड़ी पदक के करीब भी नहीं पहुंच पाई थी।

अब ट्रीसा और गायत्री की जोड़ी ने 15 साल से चले आ रहे इस सूखे को खत्म कर भारतीय बैडमिंटन में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत कर दी है।

ट्रीसा और गायत्री की जोड़ी साल 2022 और 2023 में लगातार 2 बार प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थी।

इसी तरह इस जोड़ी ने बर्मिंघम में हुए राष्ट्रमंडल खेल 2022 में कांस्य पदक अपने नाम किया था।

उनके इस प्रदर्शन के कारण उन्हें साल 2025 में खेल जगत के अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

इसी तरह वह अब विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक पक्का कर नया इतिहास रचने के करीब पहुंच गई है।

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(मुंबई)बाजार में लगातार दूसरे दिन रौनक, सेंसेक्स 163 अंक उछला, निफ्टी भी मजबूती के साथ खुला

मुंबई,21 अगस्त। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी का रुख देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ खुले। बंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 163.35 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,701.07 अंक पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 52.20 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,284.05 अंक के स्तर पर पहुंच गया।

पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। इसके बावजूद घरेलू बाजार ने शुक्रवार को सकारात्मक शुरुआत की और शुरुआती गिरावट से उबरने के संकेत दिए।

शुरुआती कारोबार के दौरान विभिन्न क्षेत्रीय सूचकांकों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। निफ्टी रियल एस्टेट सूचकांक में सबसे अधिक 0.70 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी धातु सूचकांक 0.48 प्रतिशत और निफ्टी दवा सूचकांक 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया।

दूसरी ओर, सूचना प्रौद्योगिकी और वाहन क्षेत्र के शेयरों पर दबाव रहा। निफ्टी सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांक में 0.60 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी वाहन सूचकांक 0.19 प्रतिशत नीचे रहा।

भारतीय शेयर बाजार में तेजी ऐसे समय में देखने को मिली है, जब वैश्विक स्तर पर कई आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियां बनी हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अनिश्चितता बनी हुई है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है और ब्रेंट कच्चा तेल करीब 94 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि से देश की महंगाई और चालू खाता घाटे पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

अमेरिकी बाजारों से भी भारतीय शेयर बाजार को सकारात्मक संकेत नहीं मिले। अमेरिकी सरकारी बांड की प्रतिफल दर बढ़कर 4.698 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है। इससे विदेशी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई है।

अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सत्र में प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई। डाउ जोंस 703 अंक यानी 1.32 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक में भी करीब एक प्रतिशत की गिरावट रही।

इन कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूती के साथ शुरुआत की।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 95.74 रुपये के स्तर पर स्थिर बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी से भारतीय शेयर बाजार को सहारा मिल रहा है।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता के कारण बाजार में बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल सीमित मानी जा रही है। निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेश के रुख और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर बनी हुई है।

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(नईदिल्ली)अमेज़न पर भारी जुर्माना: राम मंदिर का प्रसाद बोलकर बेच रहे थे साधारण मिठाई, सीसीपीए ने लिया बड़ा एक्शन

नई दिल्ली,21 अगस्त। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की विक्रेता सेवा इकाई पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। प्राधिकरण ने यह कार्रवाई साधारण मिठाइयों को ‘श्रीराम मंदिर अयोध्या प्रसादÓ के नाम से बेचने और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले विज्ञापन दिखाने के मामले में की है।

उपभोक्ता नियामक की जांच में सामने आया कि अमेजन के मंच पर ऐसे उत्पादों की बिक्री की अनुमति दी गई, जिनके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की ओर से कोई आधिकारिक मंजूरी या प्रामाणिकता प्रमाण उपलब्ध नहीं था।

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने अपने 19 पन्नों के आदेश में कहा कि ‘श्रीराम मंदिर अयोध्या प्रसादÓ शब्द देश के करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक और भावनात्मक महत्व रखता है। प्राधिकरण के अनुसार, बिना आधिकारिक अनुमति के सामान्य मिठाइयों को इस नाम से बेचकर व्यावसायिक लाभ कमाना उपभोक्ताओं को गुमराह करने के साथ-साथ उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है।

प्राधिकरण ने कहा कि अमेजन जैसे बड़े ऑनलाइन मंच की व्यापक पहुंच के कारण उपभोक्ता ऐसे विज्ञापनों को वास्तविक और प्रमाणिक मान सकते हैं। इससे भ्रामक प्रचार के प्रभाव और संभावित नुकसान में वृद्धि होती है।

यह मामला जनवरी 2024 में सामने आया था। अखिल भारतीय व्यापारी महासंघ ने 19 जनवरी 2024 को अमेजन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अमेजन पर चार प्रकार की मिठाइयों को अयोध्या में श्रीराम मंदिर का प्रसाद बताकर 299 से 385 रुपये के बीच बेचा जा रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से तीन दिन पहले, 19 जनवरी को ही अमेजन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

जांच के दौरान सामने आया कि इन भ्रामक विज्ञापनों के माध्यम से कुल 25,26,309 रुपये की सकल बिक्री हुई। हालांकि, अमेजन के हिस्से में वास्तविक राजस्व 39,802 रुपये आया। इसमें से कंपनी ने सेवा शुल्क और कमीशन के रूप में 15,165 रुपये अर्जित किए।

अमेजन ने अपने बचाव में तर्क दिया था कि वह केवल एक मध्यस्थ मंच है और सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत उसे संरक्षण प्राप्त है। हालांकि, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता संरक्षण कानून और सूचना प्रौद्योगिकी कानून अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाएं हैं। केवल मध्यस्थ होने का दावा करके अमेजन अपनी उपभोक्ता संरक्षण संबंधी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्राधिकरण ने अमेजन को कई निर्देश भी दिए हैं। आदेश के अनुसार, कंपनी बिना प्रमाणिक दस्तावेज और संबंधित धार्मिक न्यास या प्रबंधन की लिखित अनुमति के देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों से जुड़े किसी भी प्रसाद या भोग की बिक्री अपने मंच पर नहीं होने देगी।

इन धार्मिक स्थलों में श्रीराम जन्मभूमि, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम, वैष्णो देवी, काशी विश्वनाथ मंदिर और जगन्नाथ मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं।

प्राधिकरण ने अमेजन को अपने मंच पर विक्रेताओं की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा उपभोक्ताओं के लिए बिना किसी लॉगिन के शिकायत दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है।

उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण का यह आदेश ऑनलाइन खरीदारी में भ्रामक विज्ञापनों और धार्मिक आस्था से जुड़े उत्पादों की प्रमाणिकता को लेकर ई-कॉमर्स कंपनियों की जिम्मेदारी को रेखांकित करता है।

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(नईदिल्ली)कोलगेट-पामोलिव इंडिया में नेतृत्व परिवर्तन, मनीष आनंदानी होंगे नए प्रबंध निदेशक और सीईओ

नई दिल्ली,21 अगस्त। कोलगेट-पामोलिव इंडिया ने कंपनी के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की घोषणा की है। कंपनी के निदेशक मंडल ने मनीष आनंदानी को नया प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। आनंदानी 28 सितंबर 2026 से कंपनी की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका कार्यकाल पांच वर्ष का होगा।

आनंदानी मौजूदा प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभा नरसिम्हन का स्थान लेंगे। कोलगेट-पामोलिव के साथ आनंदानी का पहले भी लंबा जुड़ाव रहा है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को कंपनी में उनकी वापसी के तौर पर देखा जा रहा है।

मनीष आनंदानी को कारोबार और विपणन क्षेत्र में करीब तीन दशक का अनुभव है। उन्होंने कोलगेट-पामोलिव, जॉनसन एंड जॉनसन और केनव्यू इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों में विभिन्न वरिष्ठ पदों पर काम किया है।

आनंदानी वर्ष 2005 से 2018 तक कोलगेट-पामोलिव से जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने वैश्विक ग्राहक विकास में विश्वव्यापी निदेशक की जिम्मेदारी संभाली। उनके अनुभव में कारोबार का विस्तार, डिजिटल बदलाव, रणनीति निर्माण और नए बाजारों में कंपनी की पहुंच बढ़ाना शामिल है।

आनंदानी के पेशेवर करियर में पेप्सी, जॉनसन एंड जॉनसन और कोलगेट-पामोलिव जैसी प्रमुख कंपनियों के साथ काम करने का अनुभव शामिल है। उन्होंने कंपनी अधिग्रहण, कारोबार विस्तार और नए कारोबारी मॉडल तैयार करने से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य भी किए हैं।

उनके पास इलेक्ट्रॉनिक्स और विपणन की डिग्री है। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका के टक स्कूल ऑफ बिजनेस से नेतृत्व विषय में कार्यकारी प्रबंधन स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की है।

कंपनी ने बताया है कि आनंदानी को किसी भी नियामकीय संस्था की ओर से किसी पद पर नियुक्त होने से प्रतिबंधित नहीं किया गया है।

प्रभा नरसिम्हन 1 सितंबर 2022 से कोलगेट-पामोलिव इंडिया की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनका वर्तमान कार्यकाल 27 सितंबर 2026 को कारोबारी समय समाप्त होने के साथ पूरा हो जाएगा।

इसके बाद नरसिम्हन को कंपनी के एशिया-प्रशांत क्षेत्र में विपणन की कार्यकारी उपाध्यक्ष की वैश्विक जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

प्रभा नरसिम्हन को ग्राहक विकास, विपणन और नवाचार के क्षेत्र में करीब 25 वर्ष का अनुभव है। कोलगेट-पामोलिव इंडिया की जिम्मेदारी संभालने से पहले वह हिंदुस्तान यूनिलीवर में कार्यकारी निदेशक के पद पर रह चुकी हैं।

कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय हो रहा है जब उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र में कारोबार का विस्तार, डिजिटल बदलाव और नए बाजारों में प्रतिस्पर्धा लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। आनंदानी के पुराने अनुभव और कंपनी के साथ उनके पूर्व जुड़ाव को देखते हुए उनकी नियुक्ति को कोलगेट-पामोलिव इंडिया के लिए महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन माना जा रहा है।

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(नईदिल्ली)क्रेडिट कार्ड को सक्रिय न करने पर भी न करें नजरअंदाज, शुल्क और बकाया से हो सकता है नुकसान

नई दिल्ली,21 अगस्त। बैंक या वित्तीय कंपनी से क्रेडिट कार्ड घर पहुंचने के बाद यदि उसे सक्रिय नहीं किया जाता है, तो आमतौर पर उससे खरीदारी या भुगतान नहीं किया जा सकता। हालांकि, ऐसे कार्ड को लंबे समय तक नजरअंदाज करना भी उचित नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, कार्ड जारी करने वाली संस्था को कार्ड सक्रिय करने से पहले ग्राहक की स्पष्ट मंजूरी लेनी होती है। ग्राहक की मंजूरी नहीं मिलने पर कार्ड को बंद करना जरूरी है।

इसलिए क्रेडिट कार्ड मिलने के बाद उसकी सक्रियता की स्थिति, शुल्क, नियम और अन्य शर्तों की समय-समय पर जांच करते रहना चाहिए।

यदि क्रेडिट कार्ड को सक्रिय नहीं किया गया है, तो सामान्य तौर पर उसका इस्तेमाल खरीदारी या किसी भुगतान के लिए नहीं किया जा सकता। हालांकि, कार्ड को केवल इसलिए अनदेखा कर देना सही नहीं है। ग्राहक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कार्ड की स्थिति क्या है और उस पर किसी प्रकार का शुल्क तो नहीं लगाया जा रहा है।

यदि ग्राहक ने कार्ड को सक्रिय कर दिया है और इसके बाद उसका इस्तेमाल नहीं किया, तो स्थिति अलग हो सकती है। ऐसे कार्ड पर वार्षिक शुल्क या नवीनीकरण शुल्क लगाया जा सकता है। इसलिए कार्ड लेते समय शुल्क और उससे जुड़ी सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

कई ग्राहक यह मान लेते हैं कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं करने पर उससे जुड़े सभी शुल्क अपने आप समाप्त हो जाएंगे। ऐसा जरूरी नहीं है। कार्ड की शर्तों के अनुसार शुल्क लगाया जा सकता है और भुगतान नहीं करने पर बकाया राशि बन सकती है।

यदि सक्रिय किए गए कार्ड पर कोई शुल्क या अन्य राशि बकाया है और ग्राहक उसका समय पर भुगतान नहीं करता, तो इसका असर उसकी वित्तीय स्थिति पर पड़ सकता है।

क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि समय पर नहीं चुकाने पर इसकी जानकारी ग्राहक की क्रेडिट रिपोर्ट में दर्ज हो सकती है। इससे साख अंक यानी क्रेडिट स्कोर प्रभावित होने की आशंका रहती है। भविष्य में ऋण या अन्य वित्तीय सुविधाएं लेने के दौरान इसका असर पड़ सकता है।

इसलिए यदि कार्ड की आवश्यकता नहीं है, तो उसे केवल काटकर या फेंककर छोड़ देना पर्याप्त नहीं है। कार्ड जारी करने वाली बैंक या वित्तीय संस्था से संपर्क करके खाता बंद कराने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

यदि कोई सक्रिय क्रेडिट कार्ड एक वर्ष से अधिक समय तक इस्तेमाल नहीं किया जाता है, तो कार्ड जारी करने वाली संस्था ग्राहक को सूचना देकर खाता बंद कर सकती है। हालांकि, ग्राहक को अपनी ओर से भी कार्ड की स्थिति और उससे जुड़े शुल्क की जानकारी लेते रहना चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति ने एक साथ कई क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया है, तो उसे अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की भी नियमित जांच करनी चाहिए। इससे किसी गलत जानकारी, अनधिकृत खाते या अन्य गड़बड़ी का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

क्रेडिट कार्ड लेने से पहले वार्षिक शुल्क, नवीनीकरण शुल्क, ब्याज दर, भुगतान की अंतिम तारीख, विलंब शुल्क और अन्य नियमों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। कार्ड का इस्तेमाल नहीं करने की स्थिति में भी उस पर लगने वाले शुल्क की जानकारी रखना जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जिस क्रेडिट कार्ड की जरूरत नहीं है, उसे निष्क्रिय छोड़ने के बजाय बैंक या कार्ड जारी करने वाली संस्था से संपर्क

कर औपचारिक रूप से बंद कराना बेहतर है। इससे भविष्य में अनावश्यक शुल्क और बकाया राशि से जुड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।

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