कांवड़ियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से कैंटर ने मारी टक्कर, दो की मौत,11 घायल

कांवड़ियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से कैंटर ने मारी टक्कर, दो की मौत,11 घायल
मेरठ। मेरठ-बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग-334 पर खरखौदा बाईपास में शनिवार तड़के दर्दनाक हादसा हो गया। बिजौली कट के सामने हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से तेज रफ्तार आईसर कैंटर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर पलट गई और उसमें सवार 11 कांवड़िए उसके नीचे दब गए। हादसे में दो कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि एक की हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली रेफर किया गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन अस्पताल पहुंचे।
भरतपुर से हरिद्वार गया था 27 कांवड़ियों का जत्था
साथियों के मुताबिक राजस्थान के भरतपुर जिले के कुम्हेर थाना क्षेत्र के 27 कांवड़ियों का समूह बृहस्पतिवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली से हरिद्वार के लिए रवाना हुआ था। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे सभी हरिद्वार से गंगाजल लेकर गांव लौटने के लिए निकले। जत्थे में कुछ युवक बाइक से चल रहे थे, कुछ जल लेकर दौड़ रहे थे और बाकी ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार थे। सोमवार को गांव के शिवालय में गंगाजल चढ़ाने की तैयारी थी।
बिजौली कट के सामने पीछे से मारी जोरदार टक्कर
शुक्रवार रात जत्था मेरठ-बुलंदशहर राष्ट्रीय राजमार्ग-334 से खरखौदा बाईपास पहुंचा। शनिवार तड़के करीब तीन बजे बिजौली कट के सामने पीछे से तेज गति से आए आईसर कैंटर ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई और उसमें बैठे 11 कांवड़िए नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
पुलिस ने ट्रॉली के नीचे दबे कांवड़ियों को निकाला
हादसे की सूचना पर खरखौदा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों और आसपास के लोगों ने मशक्कत कर ट्रॉली के नीचे दबे कांवड़ियों को बाहर निकाला। सभी घायलों को एनसीआर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। हादसे के कारण हाईवे पर कुछ समय तक यातायात भी प्रभावित रहा।
दो कांवड़ियों की मौत, एक दिल्ली रेफर
एनसीआर मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने आभार गांव निवासी 20 वर्षीय यशपाल पुत्र हुकम सिंह और 52 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद पुत्र राधेश्याम शर्मा को मृत घोषित कर दिया। वहीं रविंद्र पुत्र प्रभु दयाल की हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली रेफर किया गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार अन्य कांवड़ियों का भी उपचार कराया गया।
इकलौता बेटा था यशपाल, किसान थे राजेंद्र
साथियों ने बताया कि 20 वर्षीय यशपाल आईटीआई का छात्र था और अपने पिता का इकलौता बेटा था। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटते समय उसे अंदाजा नहीं था कि यह उसकी आखिरी यात्रा होगी। वहीं 52 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद किसान थे। दोनों की मौत की खबर से उनके परिवारों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कैंटर काफी तेज रफ्तार में था। ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से टक्कर के बाद कैंटर भी अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर तोड़ते हुए सड़क की दूसरी दिशा में जा पहुंचा। गनीमत रही कि उस समय दूसरी ओर कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
कांवड़ियों के समूह में कुल 27 लोग थे। साथियों के अनुसार करीब 16 युवक बाइक से चल रहे थे, जबकि कुछ कांवड़िए गंगाजल लेकर दौड़ रहे थे। बाकी ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार थे। हादसे की सूचना मिलते ही साथ चल रहे साथी मौके और अस्पताल पहुंचे।
पुलिस ने शुरू की जांच
खरखौदा पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और कैंटर चालक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। घटना के बाद कांवड़ियों के साथियों और परिजनों में गहरा आक्रोश है।

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