(मुंबई)कमजोर शेयर बाजार रिटर्न से म्युचुअल फंड कंपनियों की कमाई पर दबाव

(मुंबई)कमजोर शेयर बाजार रिटर्न से म्युचुअल फंड कंपनियों की कमाई पर दबाव
0-नई इक्विटी निवेश में बड़ी एएमसी कंपनियों की हिस्सेदारी घटी, आने वाले वर्षों में सुधार की उम्मीद
मुंबई,19 सितंबर। शेयर बाजार में कमजोर रिटर्न का असर अब म्युचुअल फंड चलाने वाली कंपनियों पर भी दिखाई देने लगा है। पीएल कैपिटल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कमजोर शेयर बाजार रिटर्न के कारण शेयर बाजार में सूचीबद्ध परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) की नए इक्विटी निवेश में हिस्सेदारी प्रभावित हुई है। इसका असर वित्त वर्ष 2026-27 में इन कंपनियों की कमाई की रफ्तार पर भी पड़ सकता है।
हालांकि, ब्रोकरेज कंपनी का मानना है कि यह दबाव लंबे समय तक रहने की संभावना नहीं है। पीएल कैपिटल को आने वाले वर्षों में एएमसी कंपनियों की कमाई में सुधार की उम्मीद है। ब्रोकरेज ने एचडीएफसी एएमसी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी को इस क्षेत्र में अपनी पसंदीदा कंपनियों में शामिल किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख म्युचुअल फंड कंपनियों की कई इक्विटी योजनाओं का प्रदर्शन कमजोर रहा है। इसके चलते नई रकम जुटाने के मामले में बड़ी कंपनियों का दबदबा कुछ कम हुआ है और निवेशकों की रकम अधिक संख्या में फंड कंपनियों के बीच बंट रही है।
नए फंड प्रस्ताव (एनएफओ) को छोड़कर देखें तो अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच नए इक्विटी निवेश में शीर्ष तीन कंपनियों की हिस्सेदारी घटकर 34 प्रतिशत रह गई। वित्त वर्ष 2025-26 में यह हिस्सेदारी 42 प्रतिशत थी। इसी तरह शीर्ष 10 कंपनियों की हिस्सेदारी भी 73 प्रतिशत से घटकर 65 प्रतिशत रह गई। इसका मतलब है कि इक्विटी फंड में आने वाली नई रकम अब पहले की तुलना में अधिक कंपनियों में बंट रही है।
पीएल कैपिटल का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में सूचीबद्ध एएमसी कंपनियों का मुख्य कारोबार से होने वाला शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 10 प्रतिशत बढ़ सकता है।
म्युचुअल फंड उद्योग लगातार विस्तार कर रहा है। अगस्त 2026 के अंत में पूरे उद्योग की कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां करीब 87.1 लाख करोड़ रुपये रही थीं। हालांकि, मार्च 2025 के बाद बड़ी कंपनियों वाले प्रमुख शेयर बाजार सूचकांकों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है।
इस अवधि में निफ्टी-50 में करीब 0.8 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं निफ्टी-100 में करीब दो प्रतिशत, बीएसई-200 में करीब 3.5 प्रतिशत और बीएसई-500 में करीब 6.5 प्रतिशत की बढ़त रही है। इसके मुकाबले मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों वाले सूचकांकों ने करीब 14 से 22 प्रतिशत तक रिटर्न दिया है।
म्युचुअल फंड की अलग-अलग श्रेणियों के प्रदर्शन में भी बड़ा अंतर देखने को मिला है। मार्च 2025 के बाद बड़ी कंपनियों पर केंद्रित फंड ने करीब सात प्रतिशत और लचीली पूंजी वाले फंड ने करीब 13 प्रतिशत रिटर्न दिया है।
इसके मुकाबले मझोली कंपनियों वाले फंड का रिटर्न करीब 25 प्रतिशत और छोटी कंपनियों वाले फंड का करीब 29 प्रतिशत रहा है। बहु-पूंजी वाले फंड ने करीब 17.9 प्रतिशत और बड़ी एवं मझोली कंपनियों वाले फंड ने करीब 17.5 प्रतिशत रिटर्न दिया है।
पीएल कैपिटल के मुताबिक, निवेशकों की रकम का रुख भी बदल रहा है। क्षेत्र और विषय आधारित फंडों के साथ बड़ी कंपनियों वाले फंड में निवेश का रुझान कम हुआ है। दूसरी ओर, लचीली पूंजी वाले, मझोली कंपनियों वाले, छोटी कंपनियों वाले और बहु-परिसंपत्ति फंडों की ओर निवेश बढ़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार, बेहतर प्रदर्शन करने वाली श्रेणियों की ओर निवेशकों का रुझान बढ़ने से बड़ी परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों की नई निवेश जुटाने में हिस्सेदारी प्रभावित हुई है।
साल 2026 में अब तक कई सूचीबद्ध एएमसी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे हैं। केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी के शेयर में करीब 25 प्रतिशत की गिरावट आई है। यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी में करीब 20 प्रतिशत और एचडीएफसी एएमसी में करीब नौ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
श्रीराम एएमसी का शेयर 30 प्रतिशत से अधिक गिर चुका है। वहीं, जुलाई में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट कंपनी का शेयर भी अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम मूल्य से नीचे कारोबार कर रहा है।
हालांकि, सभी एएमसी शेयरों की तस्वीर एक जैसी नहीं रही है। निप्पॉन लाइफ इंडिया एसेट मैनेजमेंट का शेयर 2026 में अब तक करीब 31 प्रतिशत चढ़ा है। आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी में करीब 26 प्रतिशत और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी में करीब 20 प्रतिशत की तेजी आई है।
पीएल कैपिटल का मानना है कि वित्त वर्ष 2026-27 में एएमसी कंपनियों की कमाई की रफ्तार कुछ धीमी रह सकती है। इसके बावजूद ब्रोकरेज कंपनी ने मध्यम अवधि को लेकर सकारात्मक अनुमान जताया है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच एएमसी कंपनियों का मुख्य कारोबार से होने वाला शुद्ध मुनाफा सालाना औसतन करीब 16 प्रतिशत की दर से बढ़ सकता है।
पीएल कैपिटल ने इस क्षेत्र में एचडीएफसी एएमसी और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी को अपनी पसंदीदा कंपनियों में रखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल कमजोर शेयर बाजार रिटर्न और निवेश के अधिक कंपनियों में बंटने से एएमसी कंपनियों पर दबाव है, लेकिन म्युचुअल फंड उद्योग के लगातार विस्तार और निवेशकों की बदलती पसंद के बीच आने वाले वर्षों में इन कंपनियों की कमाई में सुधार की संभावना बनी हुई है।
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