एसआईआर को लेकर सियासी घमासान तेज, योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना, पंकज चौधरी ने सोनिया गांधी के मतदाता मामले पर उठाए सवाल

एसआईआर को लेकर सियासी घमासान तेज, योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना, पंकज चौधरी ने सोनिया गांधी के मतदाता मामले पर उठाए सवाल
लखनऊ, (आरएनएस )। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल समेत विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पत्रकार वार्ता कर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची और प्रपत्र-6 से जुड़े मामलों को उठाया। दोनों नेताओं ने विपक्ष से अपने बयानों और आरोपों को लेकर जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा है। निर्वाचन आयोग के उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों में भी पूर्व में विशेष गहन पुनरीक्षण की विभिन्न कार्रवाइयों का उल्लेख है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी इस तरह की प्रक्रिया अपनाई गई थी। उन्होंने कांग्रेस, सपा और राजद समेत विपक्षी दलों की ओर से एसआईआर को लेकर उठाए जा रहे सवालों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
योगी ने कहा कि देश में लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव में सफलता मिलने पर इसे अपनी राजनीतिक उपलब्धि बताते हैं, लेकिन चुनाव परिणाम प्रतिकूल आने पर चुनाव आयोग और इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने विपक्षी दलों से अपने बयानों पर आत्मावलोकन करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की ओर से विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी के कैंब्रिज में दिए गए वक्तव्य का उल्लेख करते हुए न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने राफेल मामले में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की टिप्पणियों पर कांग्रेस की आपत्तियों का भी जिक्र किया। योगी ने कहा कि जिन इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों से केंद्र और विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की सरकारें बनीं, उन्हीं मशीनों को बाद में ‘ब्लैक बॉक्स’ बताकर चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है।योगी ने कांग्रेस पर संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति असम्मान का आरोप लगाते हुए आपातकाल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं और विपक्ष के साथ जो व्यवहार हुआ, उसे देश भूला नहीं है। उन्होंने बालाकोट हवाई कार्रवाई और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैनिकों के शौर्य पर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में जिन मतदाताओं का नाम छूट गया है, उन्हें प्रपत्र-6 के माध्यम से पंजीकरण का अवसर दिया गया है। निर्वाचन आयोग के वर्तमान नागरिक सेवा पोर्टल पर भी नए मतदाता पंजीकरण के लिए प्रपत्र-6 भरने की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कठघरे में खड़ा करना लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने वाला कदम है। योगी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और दुष्प्रचार के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए तथा कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को अपनी गैरजिम्मेदाराना गतिविधियों पर नियंत्रण रखना चाहिए।इसी मुद्दे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पत्रकार वार्ता कर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से संवैधानिक संस्था को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है और विपक्ष को इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पंकज चौधरी ने प्रपत्र-6 में बदलाव किए जाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की नागरिकता और मतदाता सूची से जुड़े मामले को भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि सोनिया गांधी को वर्ष 1983 में भारतीय नागरिकता मिली थी और आरोप लगाया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि यह मामला न्यायालय के समक्ष भी उठ चुका है।पंकज चौधरी ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्था को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे प्रकरण को लेकर संबंधित लोगों को देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। दूसरी ओर, एसआईआर को लेकर विपक्षी दल निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सेवाओं के लिए प्रपत्र-6 और एसआईआर से संबंधित सुविधाएं अपने नागरिक सेवा पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में प्रत्येक वयस्क नागरिक को बिना जाति, क्षेत्र, भाषा या लिंग के भेदभाव के मतदान का अधिकार मिला है और मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया पर अनावश्यक सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों से अपने रुख पर पुनर्विचार करने तथा संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखने की अपील की।

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