जनपद न्यायाधीश, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा जिला कारागार की विभिन्न बैरकों का निरीक्षण किया गया तथा आवश्यकतानुसार सघन तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक अथवा प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई।
अधिकारियों द्वारा कारागार की पाकशाला का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्था की जानकारी ली गई। इसके साथ ही जेल अस्पताल का निरीक्षण करते हुए भर्ती बंदियों से उनके स्वास्थ्य एवं उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।
जनपद न्यायाधीश एवं जिलाधिकारी ने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं तथा कारागार में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बंदियों की समस्याओं का नियमानुसार एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जनपद न्यायाधीश ने कारागार प्रशासन को निर्देशित किया कि बंदियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा न्यायालयों में लंबित प्रकरणों से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कारागार प्रशासन को निर्देशित किया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। बैरकों एवं कारागार परिसर की समय-समय पर सघन तलाशी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कारागार परिसर में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने तथा बंदियों को नियमानुसार आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्वेता यादव,जिला समाज कल्याण अधिकारी नीरज पटेल, उपायुक्त उद्योग और सेवायोजन अधिकारी सहित कारागार प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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जौनपुर 29 सितम्बर, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-03
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), जौनपुर में मंगलवार को नवाचार महोत्सव का आयोजन उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया।
महोत्सव में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक शिक्षिकाओं सहित डायट के प्रवक्ताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे अपने अभिनव प्रयोगों एवं नवाचारों का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मा0 राज्यसभा सांसद श्रीमती सीमा द्विवेदी रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता उप शिक्षा निदेशक/प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने की।
नवाचारों के मूल्यांकन के लिए डॉ. सुनीता गुप्ता, विभागाध्यक्ष, बी.एड. विभाग, राजा श्रीकृष्ण दत्त महाविद्यालय, जौनपुर तथा डॉ. योगेश शर्मा, सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर, बी.एड. विभाग, राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय, सिंगरामऊ, जौनपुर निर्णायक मंडल के सदस्य रहे।
उप शिक्षा निदेशक प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार शर्मा ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि नवाचार का अर्थ केवल कोई नई वस्तु बनाना नहीं, बल्कि पुरानी समस्या का नया समाधान, सीमित संसाधनों में अधिक प्रभाव उत्पन्न करना तथा प्रत्येक बच्चे की आवश्यकता के अनुरूप शिक्षा को सरल एवं प्रभावी बनाने की नई सोच है।
मा0 राज्यसभा सांसद श्रीमती सीमा द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार अभिनव कार्य कर रही है, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत एक भारत श्रेष्ठ भारत एवं विकसित भारत के संकल्प के साथ भारत को विकसित करने के लिए शिक्षा में अभूतपूर्व निवेश कर रही है। सेंटर ऑफ एक्सलेंस के अंतर्गत चयनित डायट जौनपुर केंद्र सरकार के इसी सोच का परिणाम है।
कार्यक्रम का मंच संचालन डायट जौनपुर के प्रवक्ता धर्मेंद्र कुमार शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि महोत्सव में शिक्षकों ने कक्षा-कक्ष में शिक्षण को अधिक रुचिकर, सरल एवं प्रभावी बनाने वाले विभिन्न नवाचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि एक शिक्षक का नवाचार तभी सार्थक है, जब उसका लाभ किसी बच्चे के सीखने और उसके भविष्य को बेहतर बनाने में दिखाई दे।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों एवं निर्णायक मंडल का स्वागत किया गया। प्रतिभागियों ने अपने-अपने नवाचार प्रस्तुत किए तथा निर्णायक मंडल द्वारा उनका अवलोकन एवं मूल्यांकन किया गया। आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों के अभिनव प्रयासों को मंच प्रदान करना, एक-दूसरे से सीखने के अवसर उपलब्ध कराना तथा प्रभावी नवाचारों को विद्यालयों तक पहुंचाना रहा।
समापन अवसर पर सभी अतिथियों, निर्णायक मंडल, शिक्षक-शिक्षिकाओं, डायट के प्रवक्ताओं एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में इस संदेश को प्रमुखता से रखा गया कि “नई सोच से नई राह बने, हर बच्चे का उज्ज्वल भविष्य बने।
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जिलाधिकारी, श्री सैमुअल पॉल एन. के निर्देश के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया की अध्यक्षता में एनकॉर्ड की जिला स्तरीय समिति की मासिक बैठक सोमवार देर सायं कलेक्ट्रेट सभागार, जौनपुर में सम्पन्न हुई।
समिति के संबंधित सदस्यों को निर्देशित किया गया कि कचहरी गेट एंव अन्य सार्वजनिक स्थानों पर ’’नो टैबेको जोन’’ वाल पेंटिंग करायी जाए। 14 अक्टूबर को वृहद स्तर पर नशामुक्ति कार्यक्रम आयोजित किया जाए, जिसमें सभी सरकारी विभागों की सहभागिता हो। नशा छोड़ चुके व्यक्तियों को सम्मानित करते हुए विद्यालयों/कॉलेजों में इन व्यक्तियों की प्रेरणा परक कहानी को प्रचारित एंव प्रसारित किया जाए।
02 अक्टूबर को गांधी जयंती के शुभ अवसर पर डाई डे पर भी कार्यक्रम आयोजित किये जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी को नशामुक्ति के कार्यक्रम नियमित रूप से स्कूल/कॉलेजों में आयोजित किये जाने के निर्देश दिये गए है। होटल/रेस्टोरेन्ट आदि प्रतिष्ठानों की नियमित रूप से जांच की जाए तथा होटल एसोसिएशन के साथ पुलिस एंव आबकारी विभाग बैठक आयोजित की जाये।
एन0डी0पी0एस0 के वादों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाये तथा दोषियों का शीघ्र सजा दिलाई जाए। गांजा आदि मादक पदार्थों के संदिग्ध बिक्री स्थलों को चिन्हित करके सतत् प्रवर्तन कार्यवाही की जाये। सिविल सोसाइटी संगठनों तथा एन0जी0ओ0 को भी एनकार्ड से जोडा जाय। उक्त बैठक में समिति के सदस्य उपस्थित रहें।
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उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता एवं उपलब्ध सुविधाओं के क्रम में सर्जरी विभाग के चिकित्सकों द्वारा 69 वर्षीय महिला मरीज की किडनी में मौजूद 15.4 एमएम की पथरी का सफलतापूर्वक शल्य उपचार किया गया।
भगवतीपुर, सिंधौरा बाजार, वाराणसी निवासी 69 वर्षीय महिला काफी समय से बीमारी से पीड़ित थीं। स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण उन्होंने मेडिकल कॉलेज जौनपुर के सर्जरी विभाग के चिकित्सकों से परामर्श लिया। चिकित्सकों द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं जांच कराए जाने पर मरीज की किडनी में 15.4 एमएम की पथरी होने की पुष्टि हुई। चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत पथरी के शल्य उपचार की आवश्यकता बताई गई।
प्रधानाचार्य ने मरीज के स्वस्थ होकर संतुष्ट भाव से लौटने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो0 (डा0) ए0ए0 जाफरी एवं उनकी टीम के डा0 हिमांशु सिंह, डा0 इमरान, डा0 अभिषेक मिश्रा, नाजिया ननेन, डा0 राजन्य प्रजापति, डा0 अलि हैदर एवं एनेस्थीसिया देने वाले चिकित्सक डा0 अरविन्द पटेल, डा0 अनिल कुमार, डा0 संगीता सिंह तथा समस्त संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी निरंतर समर्पण एवं मेहनत के साथ मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रहे हैं।
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