बीबीएयू के 12 शिक्षक विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल

बीबीएयू के 12 शिक्षक विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल

लखनऊ ( आरएनएस )। बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के 12 शिक्षकों ने विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में स्थान हासिल कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शोध, नवाचार और अनुसंधान गतिविधियों की निरंतर प्रगति को दर्शाती है। यह सूची अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. जॉन पी. ए. आयोनिडिस के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम तैयार करती है, जबकि इसका प्रकाशन एल्सेवियर बी.वी. द्वारा किया जाता है। सूची में वैज्ञानिकों के शोध प्रकाशनों, उनकी गुणवत्ता, उद्धरणों और अन्य वैज्ञानिक मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाता है।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने इस उपलब्धि पर सभी चयनित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों की सूची में विश्वविद्यालय के 12 शिक्षकों का शामिल होना गर्व का विषय है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में हो रहे गुणवत्तापूर्ण शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे अन्य शिक्षकों और शोधार्थियों को भी उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए प्रेरणा मिलेगी।विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रो. नवीन कुमार अरोरा ने 17,679वीं रैंक हासिल की। पर्यावरणीय सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के प्रो. राम चंद्रा ने 24,876वीं, प्रो. राम नरेश भार्गव ने 39,424वीं और डॉ. जयशंकर सिंह ने 52,213वीं रैंक प्राप्त की। भौतिक विज्ञान विभाग के डॉ. राजेश कुमार सिंह 53,275वीं रैंक पर रहे, जबकि कंप्यूटर विज्ञान विभाग के डॉ. आदित्य खम्पारिया ने 79,246वीं रैंक हासिल की। गणित विभाग के प्रो. बीर सिंह भदौरिया ने 1,02,213वीं और भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. बाल चंद्र यादव ने 1,04,035वीं रैंक प्राप्त की। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के डॉ. अभिषेक वर्मा को 2,41,090वीं, फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग के प्रो. पी.एस. रजनीकांत को 2,69,674वीं, गणित विभाग के डॉ. मुकेश कुमार अवस्थी को 3,43,459वीं तथा भौतिक विज्ञान विभाग के प्रो. देवेश कुमार को 4,46,561वीं रैंक मिली।वैज्ञानिकों की इस प्रतिष्ठित सूची को तैयार करने के लिए उनके शोध और अकादमिक योगदान का मूल्यांकन वैज्ञानिक माप-विज्ञान वर्गीकरण प्रणाली के आधार पर किया जाता है। इसके अंतर्गत वैज्ञानिक क्षेत्रों को 22 प्रमुख क्षेत्रों और 174 उपक्षेत्रों में विभाजित किया गया है। वैज्ञानिकों के संपूर्ण करियर से जुड़े शोध आंकड़ों को अद्यतन करने के बाद विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वैज्ञानिकों का चयन किया जाता है। इसके लिए समग्र वैज्ञानिक संकेतक, स्वयं के शोधपत्रों के उद्धरणों को शामिल करने और हटाने के बाद प्राप्त आंकड़ों तथा संबंधित उपक्षेत्र में दो प्रतिशत या उससे बेहतर प्रतिशत रैंक जैसे मानकों को आधार बनाया जाता है।विश्वविद्यालय के 12 शिक्षकों की यह उपलब्धि शोध एवं नवाचार के लिए विकसित हो रहे अनुकूल अकादमिक वातावरण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके अनुसंधान कार्यों की बढ़ती पहचान को रेखांकित करती है। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. अश्विनी कुमार सिंह सहित विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने चयनित शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

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