मतदाता सूची के विशेष अभियान पर सपा ने उठाए सवाल, बीएलओ की सूचनाएं बीएलए को देने की मांग
लखनऊ ( आरएनएस )। समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष अभियान के औचित्य पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भागीदारी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश की ओर से राजनीतिक दलों के साथ आयोजित बैठक में सपा ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पहले ही 166 दिन तक चली है और अब मतदाता सूची का संक्षिप्त पुनरीक्षण भी प्रस्तावित है। ऐसे में विधानसभा चुनाव-2027 के लिए 100 दिन से भी कम समय शेष रहने पर एक और विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता पर पार्टी ने सवाल उठाया।सपा प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि विशेष अभियान भारतीय जनता पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों को समान रूप से जानकारी उपलब्ध कराना और उन्हें निगरानी का अवसर देना जरूरी है।बैठक में सपा की ओर से मांग की गई कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के नाम और मोबाइल नंबर की सूची तत्काल बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को उपलब्ध कराई जाए। बीएलओ द्वारा चिन्हित मतदाताओं की सूची प्रतिदिन बीएलए को उपलब्ध कराने तथा बीएलओ के क्षेत्र भ्रमण पर जाने से पहले बीएलए को इसकी सूचना देने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही राजनीतिक दलों को प्रत्येक सप्ताह बूथवार और विधानसभा वार चिन्हित मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।सपा ने निरंतर पुनरीक्षण के नियमों के तहत फार्म-6 को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाने की भी मांग की। पार्टी का कहना है कि इससे मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की निगरानी और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित हो सकेंगी।मुख्य निर्वाचन अधिकारी की बैठक में सपा की ओर से के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह ने पार्टी का पक्ष रखा। निर्वाचन विभाग के अनुसार विशेष अभियान का उद्देश्य एसआईआर के बाद छूटे पात्र मतदाताओं तथा पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करना है।

