ब्यूरो चीफ / राजेश कुमार गुप्ता
गाजियाबाद। लोनी के ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में हार्डवेयर कारोबारी विनोद गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी बिलाल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को चेकिंग के दौरान पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह मोटरसाइकिल से भागने लगा। पीछा किए जाने पर आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, 42 वर्षीय विनोद गुप्ता की हत्या के पीछे 65 लाख रुपये के लेनदेन का विवाद सामने आया है। इस मामले में फरमान और गुलजार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। तीनों आरोपियों पर कारोबारी की हत्या में शामिल होने का आरोप है।
झाड़ियों में मिला था कारोबारी का शव
विनोद गुप्ता का शव सोमवार सुबह मंडोला में पुस्ता चौकी क्षेत्र के पास एक ईंट भट्ठे के नजदीक झाड़ियों में मिला था। उनके शरीर पर चाकू से कई वार किए जाने के निशान थे। विनोद की पुस्ता चौकी के पास हार्डवेयर की दुकान थी। परिजनों के मुताबिक, वह रविवार शाम से लापता थे।
65 लाख रुपये को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस की जांच में सामने आया कि विनोद गुप्ता और आरोपी प्लॉटिंग के कारोबार से भी जुड़े थे। आरोप है कि फरमान और गुलजार उनसे 65 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। रकम देने को लेकर विवाद बढ़ने पर विनोद की चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने 13 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को ट्रॉनिका सिटी के सेक्टर ए-7 कट के पास से गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर पंचलोक के जंगल से दो चाकू भी बरामद किए गए थे।
खानपुर की तरफ भागते समय पुलिस से मुठभेड़
एसीपी रामकिशन राना के मुताबिक, बुधवार को चेकिंग के दौरान बिलाल मोटरसाइकिल से आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह खानपुर की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा किया तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

