दिव्य और भव्य माघ मेला 2027 की रूपरेखा तैयार, प्रशासन ने कसी कमर
प्रयागराज। आगामी माघ मेला 2026-27 को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मेला प्राधिकरण कार्यालय स्थित आई-ट्रिपल-सी सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय प्रथम संयुक्त बैठक में मेले की तैयारियों और विभागवार कार्ययोजनाओं को लेकर व्यापक मंथन किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. और पुलिस आयुक्त पीयूष मोर्डिया ने सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से चाक-चौबंद व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मंडलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वे पूरे मेला क्षेत्र में प्रस्तावित मुख्य और गाटा मार्गों का सटीक लेआउट और मैप तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि अत्यधिक भीड़ के दबाव वाले दिनों में वैकल्पिक मार्गों और संभावित भीड़ वाले बिंदुओं की अग्रिम योजना बनाना आवश्यक है ताकि सुगम आवागमन बना रहे। इसके साथ ही लैंड लेवलिंग, साफ-सफाई, टेंटेज और फर्नीचर से जुड़े टेंडर सितंबर के प्रथम सप्ताह तक हर हाल में फ्लोट करने के निर्देश दिए गए हैं। जल निगम को पेयजल और ड्रेनेज व्यवस्था के लिए 80 उपलब्ध बोरिंग में से 28 के प्रभावी उपयोग और रेलवे तथा आर्मी के साथ समन्वय बैठकें तय करने को कहा गया है।
पुलिस आयुक्त ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को रेखांकित करते हुए कहा कि पार्किंग प्रबंधन के लिए एक समर्पित एक्सक्लूसिव अधिकारी की तैनाती की जाए, जिस पर केवल पार्किंग संचालन और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी हो। झूंसी क्षेत्र में जाम की समस्या से निजात पाने के लिए चीनी मिल के समीप एक अतिरिक्त बस पार्किंग स्थल विकसित करने के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों को वर्ष 2013 के कुंभ से लेकर अब तक के मेलों के अनुभवों और सीख का विस्तृत नोट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पिछली कमियों को दरकिनार करते हुए इस आयोजन को और अधिक बेहतर बनाया जा सके। आगामी मेले की तैयारियों पर बारीक नजर रखने के लिए अब प्रत्येक गुरुवार को नियमित साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

