दोस्ती
कविता
कक्षा 12वीं
जगथाना, उत्तराखंड
दोस्ती केवल साथ रहने का नाम नहीं,
हर ग़म में मुस्कुराने का एहसास है।
तेरे दुख में मेरा दिल उदास हो जाए,
तेरी खुशी में मेरी खुशी का वास है।
न खून का रिश्ता, न कोई बंधन,
फिर भी कितना गहरा है दोस्ती का बंधन।
गिर जाऊँ तो हँसकर उठाता है,
मन उदास हो तो दोस्त ही साथ निभाता है।
पैसों से कहाँ मिलती है ऐसी दौलत,
इस रिश्ते की न कोई कीमत, न मोल।
कुछ दोस्त खून के रिश्तों से भी बढ़कर होते हैं,
सच्चे दोस्त ही जीवन का अनमोल धन होते हैं।
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