नैमिषारण्य में पुलिस पर फायरिंग करने वाला वसूली गिरोह दबोचा, आठ गिरफ्तार
– तीन तमंचे, कारतूस और 10,500 रुपये बरामदय हिस्ट्रीशीटर को गिरोह का मुख्य सूत्रधार बताया, पुलिस टीम को देखते ही झाड़ियों से झोंक दिया था फायर
सीतापुर। लोगों को डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलने और पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने वाले गिरोह के आठ सदस्यों को नैमिषारण्य पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार 19ध्20 अगस्त की रात बीबीपुर-अटवा मार्ग पर लेखनापुर गांव मोड़ के पास बाग में घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम को देखते ही फायरिंग कर दी। पुलिस ने साहस और रणनीति के साथ घेराबंदी करते हुए सभी आठ आरोपियों को दबोच लिया। मौके से तीन अवैध तमंचे, कारतूस और रंगदारी में वसूले गए 10,500 रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में गोलू उर्फ आकिब निवासी औरंगाबाद, शशिकांत निवासी फूलपुर झरिया, प्रशांत कुमार निवासी ककरइया महोली, शिवांक निवासी फूलपुर झरिया, सुफियान निवासी अटवा, गुफरान निवासी अटवा, विकास निवासी औरंगाबाद और शोएब उर्फ समीर उर्फ बाबा पठान निवासी औरंगाबाद शामिल हैं। पुलिस ने शोएब को गिरोह का मुख्य सूत्रधार और रेकीकर्ता बताया है। पुलिस के अनुसार पूर्व में दर्ज मुकदमे के वांछित आरोपियों की तलाश में टीम ने लेखनापुर गांव के मोड़ के पास बाग में घेराबंदी की थी। झाड़ियों और पेड़ों की आड़ में छिपे आरोपियों ने पुलिस टीम को अपनी ओर बढ़ते देखा तो ललकारने लगे। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से पुलिस बल पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार गोलू के पास से 315 बोर का तमंचा, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस, प्रशांत के पास से 315 बोर का तमंचा, मिस फायर कारतूस और जिंदा कारतूस तथा गुफरान के पास से .32 बोर का तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने 10,500 रुपये भी बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि यह रकम 17 अगस्त को सत्यप्रकाश मौर्या को डरा-धमकाकर वसूली गई रकम में बची धनराशि है पूछताछ में आरोपियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों की रेकी करने और उन्हें डराकर रुपये वसूलने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार शोएब उर्फ समीर गिरोह के लिए रेकी करने के साथ पुलिस की गतिविधियों की जानकारी अन्य सदस्यों तक पहुंचाता था। 17 अगस्त की घटना में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह आरोपियों को बाहर भगाने के लिए वाहन की व्यवस्था कर रहा था। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन भी साथ नहीं रखे थे।
इनसेट
मुख्य आरोपी पर दर्ज हैं 20 से अधिक मुकदमे
पुलिस ने शोएब उर्फ समीर उर्फ बाबा पठान को हिस्ट्रीशीटर बताया है। उसके खिलाफ सीतापुर, लखनऊ और राजस्थान में चोरी, धोखाधड़ी, गैंगस्टर एक्ट, हथियार अधिनियम, लूट, एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में 20 से अधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। इसके अलावा गोलू, गुफरान और विकास के खिलाफ भी पूर्व में मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने थाना नैमिषारण्य में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला और अवैध शस्त्र रखने के आरोप में नया मुकदमा दर्ज किया है। वहीं पूर्व के रंगदारी वसूली के मुकदमे में भी धाराओं की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देशन में हुई कार्रवाई में उपनिरीक्षक उबैश अली, उपनिरीक्षक अखिलेश सिंह समेत पुलिस टीम के 11 सदस्य शामिल
रहे।

