विरोध की आड़ में संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना उचित नहीं- डिप्टी सीएम 

विरोध की आड़ में संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना उचित नहीं- डिप्टी सीएम

केशव ने पूछा- अखिलेश क्या शिक्षा माफिया को प्रत्याशी बनाते हैं?

प्रयागराज। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी समेत समूचे विपक्ष पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन विरोध की आड़ में संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे पर असहमति जताने और विरोध करने का मतलब यह नहीं है कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाई जाए। राहुल गांधी, अखिलेश यादव या इंडी गठबंधन के किसी भी नेता के कहने से गलत बात सही नहीं हो जाएगी।

प्रयागराज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केशव मौर्य ने कहा कि विपक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन उसे संवैधानिक मर्यादाओं का भी ध्यान रखना चाहिए।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी मान सिंह यादव को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने मान सिंह यादव से जुड़े एक मुकदमे, जिला पंचायत चुनाव के दौरान 40 लाख रुपये मिलने और शिकोहाबाद की जेबीएस यूनिवर्सिटी की फ्रेंचाइजी को लेकर सवाल उठाए। केशव ने कहा कि इन सवालों का जवाब अखिलेश यादव और उनके प्रत्याशी को देना चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सपा शिक्षा माफियाओं को चुनाव में प्रत्याशी बनाती है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्होंने मान सिंह यादव को लेकर सवाल उठाए हैं। प्रयागराज के मेजा थाने में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा क्या है, यह बताया जाना चाहिए। जिला पंचायत चुनाव के दौरान 40 लाख रुपये के साथ उन्हें रातभर थाने में रखे जाने का मामला क्या था, इस पर भी उन्हें खुद सफाई देनी चाहिए। केशव ने कहा, यह वह खुद बताएं। हमारी ओर से बताने की जरूरत नहीं है।

एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि किसे कहां से चुनाव लड़ना है, इसकी जानकारी चुनाव के अंतिम दौर में केंद्रीय चुनाव समिति की सूची जारी होने के बाद ही मिलेगी। अभी अलग-अलग सीटों को लेकर जो चर्चाएं चल रही हैं, उन्हें रोका नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा, किसी सीट पर अपने मन से फैसला लेने की हमारी कोई योजना नहीं है। हमने पहले भी ऐसा नहीं किया, अभी भी नहीं कर रहे हैं और भविष्य में भी नहीं करेंगे। हमारी पार्टी जो फैसला लेती है, वह संगठन और नेतृत्व के स्तर पर लिया जा

ता है।”

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