शासन के निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. तथा मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया के दिशा-निर्देशन में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के क्रम में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ0 कमल के नेतृत्व में आज जिला कारागार में बन्दियों को प्रोटोकॉल का पूर्वाभ्यास कराया गया।
डॉ0 कमल के द्वारा बताया गया कि नियमित रूप से किया गया योगाभ्यास किसी भी व्यक्ति को मनोदैहिक स्वास्थ्य को सर्वोत्तम बनानें में कारगर है इसलिए हर व्यक्ति को प्रतिदिन योगाभ्यास को अपनी जीवन शैली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना चाहिए। योग प्रशिक्षक अचल हरीमूर्ति और अरविंद कुमार के द्वारा प्रोटोकॉल का पूर्वाभ्यास कराते हुए विविध प्रकार के सरल और सहज व्यायामों का अभ्यास कराते हुए उनसे होंने वाले लाभों को भी बताया गया।
श्री हरीमूर्ति के द्वारा योगाभ्यास के दौरान बताया गया कि जब भी व्यक्ति के भीतर मानसिक और शारीरिक रूप से असंतुलन उत्पन्न होता है तो ही वह मनोदैहिक विकारों से ग्रसित होता है और उसके कारण अनेकों प्रकार की बीमारियों के चपेट में आ जाता है। शारीरिक और मानसिक रूप से परिपक्वता के लिए यह अति आवश्यक है कि व्यक्ति नियमित रूप से कपालभाति, भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी व उद्गगीथ प्राणायामों के साथ ध्यान का भी अभ्यास नियमित रूप से करे।
स्वास्थ्य की संजीवनी है कपालभाति प्राणायाम-पतंजलि योग समिति उत्तर प्रदेश के सह राज्य प्रभारी अचल हरीमूर्ति के द्वारा बताया गया है कि स्वास्थ्य की दृष्टि से प्राणायामों का नियमित अभ्यास अति आवश्यक होता है। प्राणायामों की दृष्टि से कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास बेहद लाभकारी होता है। इसके नियमित अभ्यास से डायबिटीज,कोलेस्ट्रॉल, लीवर, कीडनी, गैस-एसिडिटी के साथ ही साथ मोटापा जैसी समस्याओं का जड़ से निदान करता है।
मानसिक स्वास्थ्य के साथ नर्वस सिस्टम को मजबूत बनानें के लिए भी कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास हर व्यक्ति को करना चाहिए।
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