आरोप: मुख्यमंत्री अपनी ही कही बातों का क्रियान्वयन कराने में हुए असफल
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अपने ही आदेश का कम्प्लायंस कराने में असफल रहे। यह आरोप हाईकोर्ट के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने लगाया है।
उन्होंने बताया कि भूमि सुधार कानून के अन्तर्गत भूमिहीन खेतिहर मजदूरों में भूमि आवंटन करने के संबंध में आईपी रामबृज के नेतृत्व में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी प्रयागराज के नाम भूमि सुधार कानून के तहत भूमिहीन खेतिहर मजदूरों में आवासीय और कृषि कार्य का पट्टा किये जाने के बाबत यमुनापार की तहसील बारा और करछना से हजारों की संख्या में भूमिहीन खेतिहर मजदूरों ने रजिस्टर्ड डाक द्वारा प्रार्थना पत्र भेजा।
उक्त के दृष्टिगत प्रकरण निक्षेप किये जाने योग्य है के बाबत जिलाधिकारी प्रयागराज को शिकायत पत्र में उल्लिखित तथ्यों की जांच कराकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए कृत कार्यवाही से भूमिहीन खेतिहर मजदूर को एक पक्ष में अवगत कराने का कष्ट करें विषयक आदेश, निर्देश मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन से जारी हुए लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि विगत दस सालों से भूमिहीन खेतिहर मजदूरों में भूमि आवंटित किए जाने के बावत ढेले भर का भी काम नहीं हुआ। आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश अनुभाग 5 लखनऊ के द्वारा जिलाधिकारी प्रयागराज को निर्देशित आदेश के अनुपालनार्थ क्रियान्वयन हेतु अपर जिलाधिकारी नगर के समक्ष प्रदर्शन भी किया गया और जिलाधिकारी प्रयागराज को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी नगर को सौंपा भी गया किन्तु मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश न अपनी कही हुई बातों का और न अनु सचिव मुख्यमंत्री और आयुक्त सचिव राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश अनुभाग 5 लखनऊ के आदेशों व निर्देशों का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन न जिलाधिकारी प्रयागराज व न ही उप जिलाधिकारी बारा और करछना ने ढेले भर का काम नहीं किया।

