गंभीर हेपेटाइटिस बी के मरीज का मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ, में सफल लिवर ट्रांसप्लांट*
– बाराबंकी के 36-वर्षीय मरीज को मिली नई जिंदगी, बहन ने किया लिवर डोनेट
– विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर डॉक्टरों ने समय पर जांच और इलाज की जरूरत पर दिया ज़ोर
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ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ।उन्नत लिवर ट्रांसप्लांट सेवाओं के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ, के डॉक्टरों ने हेपेटाइटिस बी संक्रमण के कारण एंड स्टेज लिवर डिजीज से पीड़ित 36-वर्षीय मरीज का सफल लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट किया।
बाराबंकी निवासी, अबरार रिंकू अली को 3 महीने पहले हेपेटाइटिस बी संक्रमण के कारण डीकंपेन्सेटेड क्रॉनिक लिवर डिजीज और पोर्टल हाइपरटेंशन की समस्या का पता चला था। इस बीमारी के कारण उन्हें ऊपरी पाचन तंत्र से खून आने की समस्या हुई, जिसके लिए दवाओं और एंडोस्कोपी के जरिए इलाज किया गया। हालांकि, अपने शहर में इलाज के बावजूद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई।
इसके बाद अबरार का परिवार मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ, पहुंचा और यहाँ हेपेटो पैंक्रियाटो बिलेरी एंड लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी के डायरेक्टर – डॉ. वलीउल्लाह सिद्दीकी, से परामर्श लिया। जैसे जैसे उनकी लिवर की बीमारी बढ़ी, डॉक्टरों ने लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट को सबसे प्रभावी इलाज बताया। ट्रांसप्लांट से पहले सभी जरूरी जांच की गईं। जांच में पेट, लिवर और तिल्ली के आसपास नसों का असामान्य रूप से बढ़ जाना पाया गया, जो एडवांस पोर्टल हाइपरटेंशन और गंभीर लिवर बीमारी का संकेत था।
इसके बाद मरीज का सफल लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट किया गया। इस सर्जरी में उनकी बहन ने अपने लिवर का दायां हिस्सा दान किया। उनके लिवर का लगभग 53 प्रतिशत हिस्सा मरीज में प्रत्यारोपित किया गया। सर्जरी सफल रही और डोनर तथा मरीज, दोनों की रिकवरी अच्छी रही।
इस बारे में जानकारी देते हुए मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में हेपेटो पैंक्रियाटो बिलेरी एंड लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी के डायरेक्टर – डॉ. वलीउल्लाह सिद्दीकी, ने कहा, “हेपेटाइटिस बी धीरे धीरे लिवर को नुकसान पहुंचाता है। यदि समय पर इसकी पहचान और सही इलाज न हो तो यह आगे चलकर जानलेवा जटिलताओं का कारण बन सकता है। इस मरीज के मामले में समय पर जांच और विशेषज्ञों की टीम के संयुक्त प्रयास से यह तय किया गया कि लिवर ट्रांसप्लांट सबसे उपयुक्त इलाज है। मरीज की रिकवरी अच्छी हुई, नया लिवर सही तरीके से काम कर रहा है और उनके जीवन की गुणवत्ता में भी काफी सुधार आया है।”
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ के विशेषज्ञों ने कहा कि समय पर जांच, नियमित निगरानी और सही एंटीवायरल इलाज से हेपेटाइटिस बी से होने वाली लिवर की गंभीर बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। वहीं जिन मरीजों में लिवर पूरी तरह खराब हो जाता है, उनके लिए लिवर ट्रांसप्लांट लंबे समय तक स्वस्थ जीवन और बेहतर जीवन गुणवत्ता का प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है।

