छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को दिया ज्ञापन
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में लंबे समय से चली आ रही छात्रों की शैक्षणिक, मूलभूत एवं प्रशासनिक समस्याओं को लेकर मंगलवार को छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखा। छात्रा ईश्विका सिंह के नेतृत्व में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को बारह सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र एवं समयबद्ध समाधान की मांग की। छात्रों ने कहा कि अपनी समस्याओं को लेकर वे कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन से संवाद कर चुके हैं और उन्हें समाधान का आश्वासन भी मिलता रहा है, लेकिन अनेक समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।छात्रों का कहना था कि विश्वविद्यालय केवल भवनों और निर्माण कार्यों से नहीं, बल्कि वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिलने वाली शिक्षा, शिक्षक, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं तथा मूलभूत सुविधाओं से अपनी वास्तविक पहचान बनाता है। जब विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए उचित कक्ष, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, साफ शौचालय, आवश्यक पुस्तकें और प्रयोगात्मक शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए बार-बार अपनी आवाज उठानी पड़े, तो यह विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए गंभीर विषय बन जाता है।
छात्रों द्वारा ज्ञापन सौंपे जाने के बाद कुलपति ने विद्यार्थियों से वार्ता की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। कुलपति ने छात्रों को आश्वस्त किया कि वे स्वयं विश्वविद्यालय परिसर में जाकर समस्याओं की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करेंगे तथा उनके निराकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसी क्रम में कुलपति स्वयं प्रबंध अध्ययन संकाय में छात्रों के बीच पहुंचे और उनसे सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा। इस दौरान कुलसचिव विनोद कुमार तथा प्रबंध अध्ययन संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अविनाश पार्थिडकर भी उपस्थित रहे। ज्ञापन में छात्रों ने दस दिनों के भीतर सभी मांगों पर स्पष्ट, समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई करने तथा प्रत्येक मांग पर की गई कार्रवाई की जानकारी विद्यार्थियों को देने की मांग की है। छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो वे शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक छात्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

