जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में नगर निगम ने तेज किए राहत और बचाव कार्य
लखनऊ ( आरएनएस )। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में नगर निगम ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देशन और अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त के नेतृत्व में जोन-3 और जोन-6 की टीमें दाउदनगर, मामा कॉलोनी, लोहरामऊ, मिल्लतनगर, हयात नगर, लक्ष्मी हॉस्पिटल गली, दौलत खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, टांड खेड़ा, सुखलाल खेड़ा, सैंथा, गुलमी खेड़ा और हयातगंज सहित प्रभावित इलाकों में भोजन, पेयजल, दवाएं, आश्रय, प्रकाश और स्वच्छता की व्यवस्था में जुटी हैं।
जलभराव प्रभावित लोगों के लिए 12 अस्थायी रैन बसेरे तैयार किए गए हैं। इनमें दाउदनगर में 10 तथा लोहरामऊ और मिल्लतनगर में एक-एक रैन बसेरा शामिल है। पल्टन छावनी, उमराव हाता और इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे 100-100 बेड क्षमता वाले तीन स्थायी रैन बसेरे भी उपलब्ध हैं। यहां बेड, पंखे, कूलर, प्रकाश और मोबाइल चार्जिंग की सुविधा दी गई है। जोन-6 में करीब 250 परिवारों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि लगभग 300 लोग रैन बसेरों में ठहरे हैं।प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पानी और दवाओं का वितरण लगातार किया जा रहा है। हयात नगर में 50, लक्ष्मी हॉस्पिटल गली में 25, दौलत खेड़ा-मुन्नू खेड़ा में 100, टांड खेड़ा में 200, सुखलाल खेड़ा में 100 और सैंथा में 50 भोजन पैकेट वितरित किए गए। दाउदनगर, लोहरामऊ और मिल्लतनगर में 14-15 पानी के टैंकर लगाए गए हैं और करीब 80 हजार लीटर पैकेज्ड पेयजल वितरित किया जा चुका है। दौलत खेड़ा में भी पानी का टैंकर लगाया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में 13 मोबाइल टॉयलेट तथा दाउदनगर में करीब 65 अतिरिक्त स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं।स्वच्छता व्यवस्था के लिए यादव चौराहे से मामा कॉलोनी तक करीब 200 सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं। जलभराव वाले स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। पानी उतरने के बाद जमा कीचड़, गंदगी और कचरे की सफाई तथा जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए क्षेत्रवार टीमें भी तैयार की जा रही हैं।मच्छरों की रोकथाम के लिए छह मैनुअल और छह बड़ी फॉगिंग मशीनों से एंटी लार्वा और फॉगिंग कराई जा रही है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी पीके श्रीवास्तव के अनुसार जोन-3 और जोन-6 में अब तक 138 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एमएलओ और एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया है। इसमें जोन-3 का 76 और जोन-6 का 62 एकड़ क्षेत्र शामिल है। जहां जलभराव के कारण कर्मचारियों और मशीनों की पहुंच मुश्किल है, वहां ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में 90 नावें लगाई गई हैं। नगर निगम की टीमें राहत सामग्री की लोडिंग-अनलोडिंग में सहयोग कर रही हैं। दाउदनगर में दो शिफ्टों में 20-20 कर्मचारी तथा लोहरामऊ और मिल्लतनगर में 20-20 कर्मचारी लगाए गए हैं। जोन-6 में भी नावों और स्टीमर से लोगों तथा राहत सामग्री का आवागमन जारी है। बच्चों, स्कूली विद्यार्थियों और अन्य नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं।नगर निगम ने पशुओं की सुरक्षा के लिए भी व्यवस्था की है। एक भैंस को सांप के काटने की सूचना पर तत्काल चिकित्सक भेजकर उपचार कराया गया। पशुपालकों के लिए एक ट्रक भूसा भी उपलब्ध कराया गया है।नगर आयुक्त गौरव कुमार ने अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता और रेस्क्यू कार्यों को लगातार संचालित रखने के निर्देश दिए। नगर निगम की टीमें मौजूदा राहत कार्यों के साथ पानी उतरने के बाद सफाई और सैनिटाइजेशन अभियान शुरू करने की तैयारी में भी जुटी हैं।
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