एसएससी की संयुक्त उच्चतर माध्यमिक स्तर परीक्षा में युवक ने दो नाम से आवेदन किया। दोनों नाम दूसरे के थे, लेकिन फोटो अपनी लगा ली। एक अनुक्रमांक पर परीक्षा दे रहा था।
संदेह होने पर परीक्षा केंद्र संचालक ने पड़ताल की तो सॉल्वर गिरोह का खुलासा हुआ। संचालक की तहरीर पर बिजनौर थाने में केस दर्ज किया गया। आरोपी को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया है।
टीसीएस कंपनी में शाखा प्रमुख के पद पर कार्यरत शशांक द्विवेदी के मुताबिक, छह जनवरी को बिजनौर के ओमेक्स सिटी स्थित इऑन डिजिटल जोन में एसएससी की संयुक्त उच्चतर माध्यमिक स्तर की परीक्षा चल रही थी।
इस बीच तीसरी पाली में परीक्षा दे रहे विकास कुमार निराला नाम के छात्र पर संदेह हुआ। प्रवेश पत्र की पड़ताल में सामने आया कि उसने दूसरे परीक्षार्थी की जगह अपना फोटो लगा दिया था।
प्रभारी निरीक्षक मनोज सिंह भदौरिया के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने कुबूला कि उसका असली नाम मुकेश कुमार है और मूलरूप से बिहार के मुंगेर के सोनार पट्टी का रहने वाला है।
कुबूला कि सॉल्वर गिरोह से ताल्लुक रखता है। इसके चलते विकास कुमार निराला और अभिषेक कुमार के नाम से आवेदन किया था। एक के स्थान पर परीक्षा दी है। दोनों के प्रवेश पत्र पर उसकी तस्वीर लगी थी। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

