महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर आपदा प्रबंधन योजना एवं टेबल टॉप अभ्यास से परखी गई आपातकालीन तैयारिया

महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर आपदा प्रबंधन योजना एवं टेबल टॉप अभ्यास से परखी गई आपातकालीन तैयारिया

(राजन तिवारी सिटी रिपोर्टर)

अयोध्या।महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्याधाम पर आज आपदा प्रबंधन योजना एवं टेबल टॉप अभ्यास का सफल आयोजन किया गया।अभ्यास के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों एवं संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित सूचना-संचार, राहत एवं बचाव कार्य तथा चिकित्सा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की गई।हवाई अड्डे की आपदा प्रबंधन योजना में भूकंप, बाढ़, चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं, विमान दुर्घटना एवं आगजनी जैसी मानव निर्मित घटनाओं तथा अन्य संभावित आपात स्थितियों को शामिल करते हुए एल-0 से एल-3 तक चार स्तरों में प्रतिक्रिया व्यवस्था निर्धारित की गई है।योजना के तहत हवाई अड्डे की वायु यातायात नियंत्रण सेवा (एटीसी), अग्निशमन सेवा एवं सीआईएसएफ के साथ जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ/एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय की व्यवस्था की गई है।टेबल टॉप अभ्यास में आपातकालीन परिदृश्य का परीक्षण अभ्यास के दौरान एटीआर-72 विमान की आपातकालीन लैंडिंग एवं इंजन में आग की चेतावनी पर आधारित काल्पनिक परिदृश्य का परीक्षण किया गया। इस दौरान एटीसी द्वारा लगभग 6 मिनट 30 सेकंड के भीतर संबंधित प्राथमिक राहत एवं बचाव एजेंसियों को सूचना देने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई।घटना स्थल पर घायलों की पहचान एवं पी-1, पी-2 एवं पी-3 श्रेणियों के अनुसार चिकित्सा वर्गीकरण (ट्राइएज), पैरामेडिकल टीम द्वारा टैगिंग, अलग-अलग एम्बुलेंस की व्यवस्था तथा विमान के चालक दल के लिए पृथक व्यवस्था पर भी विस्तृत चर्चा की गई।आपात कालीन स्थिति में सभी संबंधित एजेंसियों के वाहनों एवं राहत दलों के त्वरित आवागमन के लिए गेट संख्या-1 के बाहर रेंडेवू प्वाइंट (आरवी प्वाइंट) चिन्हित किया गया है।समर्पित मोबाइल कमांड पोस्ट की व्यवस्था होने तक त्वरित कमांड एवं समन्वय के लिए इंडिगो की यात्री बस को अंतरिम मोबाइल कमांड पोस्ट के रूप में उपयोग करने का निर्णय लिया गया।अधिकारियों एवं स्टेकहोल्डर्स सहभागिता किया।टेबल टॉप अभ्यास के दौरान सभी संबंधित एजेंसियों ने अपने-अपने दायित्वों एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रिया की समीक्षा की तथा आवश्यक सुधारात्मक कदमों पर विचार-विमर्श किया।इस अवसर पर आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। इसके अंतर्गत सुरक्षा व्यवस्था में सुधार, आवश्यक बुनियादी ढांचे का उन्नयन तथा भविष्य में आधुनिक सिमुलेशन एवं तकनीकी प्रणालियों को अपनाने की दिशा में रोडमैप तैयार किया गया है।महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्याधाम यात्रियों की सुरक्षा, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया तथा सभी संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए निरंतर अपनी तैयारियों को मजबूत कर रहा है।इस अवसर पर प्रशासनिक/एफआर अमित भट्ट, एयरपोर्ट निदेशक धीरेंद्र सिंह, सीओ सिटी श्रेयाश त्रिपाठी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी एम.पी. सिंह, एसडीआरएफ की टीम, एयरपोर्ट के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष (एचओडी) एवं विभिन्न संबंधित स्टेकहोल्डर्स उपस्थित रहे।

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