रक्षाबंधन पर अखिलेश यादव को राखी बांधने पहुंचीं सैकड़ों महिलाएं, बोले—माता-बहनों की सुरक्षा और सम्मान में नहीं होगी कोई चूक

रक्षाबंधन पर अखिलेश यादव को राखी बांधने पहुंचीं सैकड़ों महिलाएं, बोले—माता-बहनों की सुरक्षा और सम्मान में नहीं होगी कोई चूक
लखनऊ,। रक्षाबंधन पर्व के पूर्व दिवस पर समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ में सैकड़ों महिलाएं अपने ‘प्रिय भैया जी’ अखिलेश यादव के हाथों में राखी बांधने के लिए पहुंचीं। महिलाओं ने रक्षाबंधन की खुशियां साझा करते हुए अखिलेश यादव की कलाई पर राखी बांधी और उनके दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अखिलेश यादव ने भी सभी महिलाओं का सम्मान करते हुए उन्हें रक्षाबंधन पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर अखिलेश यादव ने कहा कि दुनिया में भारत ही ऐसा देश है, जहां रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है। इस पर्व में बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी रक्षा का संकल्प लेता है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति समाज की जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। समाजवादी पार्टी का संकल्प है कि भविष्य में माता-बहनों की सुरक्षा और सम्मान में किसी प्रकार की चूक नहीं होगी।अखिलेश यादव ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आधी आबादी की खुशहाली और सम्मान के लिए समाजवादी सरकार बनने पर महिलाओं के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में महिलाओं को स्त्री सम्मान समृद्धि योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 40 हजार रुपये की धनराशि दिए जाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का पूरा ख्याल रखा जाएगा तथा उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रभावी योजनाएं लागू की जाएंगी।सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर महिलाओं के प्रति ईमानदार नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने के बाद से लगातार महिलाओं को धोखा देती रही है और अब नारी वंदन का ढोंग रच रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल राजनीतिक नारों और दिखावे तक सीमित रखने के बजाय उनके सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए ठोस कार्य किए जाने की आवश्यकता है।रक्षाबंधन के अवसर पर समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं भी अखिलेश यादव को पर्व की बधाई देने पहुंचीं। उन्होंने राखी बांधकर भाई-बहन के स्नेह और विश्वास के इस पर्व को मनाया। महिलाओं की बड़ी मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष रूप से भावनात्मक और आत्मीय बना दिया।इस दौरान पूर्व सांसद कनकलता सिंह, पूर्व एमएलसी कांति सिंह, स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र की पुत्री मीना तिवारी, महिला समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर, महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष रुक्मिणी देवी, जो पूर्व सांसद फूलन देवी की बहन हैं, किन्नर सभा की प्रदेश अध्यक्ष पायल सिंह तथा अंजली मसीह सहित पार्टी की महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहीं। सभी ने पर्व की खुशियां साझा करते हुए अखिलेश यादव को मिठाई खिलाई और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।समाजवादी पार्टी मुख्यालय में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान भाई-बहन के स्नेह, सामाजिक सौहार्द और महिला सम्मान का संदेश प्रमुखता से सामने आया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और रक्षाबंधन का पर्व इस संकल्प को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।

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अखिलेश यादव का भाजपा सरकार पर तीखा हमला, बोले—भाजपा सरकार नहीं दुकान है, जेपीएनआईसी बेचने के पूरे प्रकरण की होगी जांच

लखनऊ, 27 अगस्त 2026। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में बेचने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोकनायक जय प्रकाश नारायण को ही बेच दिया। भाजपा लोकनायक जय प्रकाश नारायण के काम, समाजवादी आंदोलन और उनके नाम पर बनी इमारत के लिए खलनायक है। भाजपा और उसके सुरंगों, अपंजीकृत तथा भूमिगत लोगों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से चिढ़ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली का बड़ा इंजन बड़ी चीजें बेच रहा है और लखनऊ का छोटा इंजन उत्तर प्रदेश की छोटी चीजें बेच रहा है। भाजपा सरकार नहीं, दुकान है।

गुरुवार को समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने गोमतीनगर स्थित जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र को निजी हाथों में बेचे जाने को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह केंद्र समाजवादी सरकार में बनाया गया था और इसके निर्माण के पीछे लोकनायक जय प्रकाश नारायण के विचारों तथा समाजवादी आंदोलन की भावना थी। भाजपा सरकार ने इसे घोटाला करके बेच दिया। उन्होंने दावा किया कि इस पूरी प्रक्रिया में कई सौ करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। अखिलेश यादव ने कहा कि समय आने पर पूरे प्रकरण की जांच होगी और जेपीएनआईसी को बेचने में जिन अधिकारियों की भूमिका रही है, उनकी भी पूरी जांच कराई जाएगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार कारोबारियों से मिली हुई है और सरकारी संपत्तियों को लगातार बेचा जा रहा है। उनका आरोप है कि भाजपा गरीबों की जेब से पैसा निकालकर अमीरों की तिजोरियां भरने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में बनाए गए किसान बाजार, शाने-अवध और जनेश्वर मिश्र पार्क के कुछ हिस्सों को भी निजी हाथों में दिया गया। अब जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र को भी बेच दिया गया है।

उन्होंने जेपीएनआईसी के निर्माण की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी सरकार के समय जब इसका शिलान्यास हुआ था, तब नेताजी मुलायम सिंह यादव के साथ जॉर्ज फर्नांडीज, मोहन सिंह, बृजभूषण तिवारी सहित कई समाजवादी नेता मौजूद थे। समाजवादी नेताओं ने लोकनायक जय प्रकाश नारायण के विचारों और उनके सपनों के अनुरूप इस केंद्र की कल्पना की थी। जय प्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का आह्वान किया और युवाओं को जागृत करने का काम किया। उनकी संपूर्ण क्रांति ने देश की राजनीति में व्यापक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अखिलेश यादव ने कहा कि जय प्रकाश नारायण के नाम पर जेपीएनआईसी जैसी सिग्नेचर बिल्डिंग तैयार की गई थी। लगभग 18 से 20 एकड़ क्षेत्र में बने इस केंद्र में जनता की सुविधा और विभिन्न गतिविधियों के लिए बड़ी संख्या में सुविधाएं विकसित की गई थीं। इसमें कमरे, हर मौसम के अनुकूल गर्म स्वीमिंग पूल, सभागार, दो हजार से अधिक लोगों की क्षमता वाला कन्वेंशन सेंटर, बड़ा हॉल, बैडमिंटन, टेनिस और स्क्वैश कोर्ट, जिम तथा रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं थीं। भवन पर हेलीपैड और बड़े क्षेत्र में सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था भी थी।

उन्होंने दावा किया कि मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से जेपीएनआईसी और उसके पूरे क्षेत्र की कीमत छह हजार करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने जेपीएनआईसी को जिस कीमत पर बेचा है, उतनी राशि तो लगभग 30 वर्ष में केवल उसकी पार्किंग से प्राप्त हो सकती थी। उनके अनुसार पार्किंग से 30 वर्षों में लगभग 867 करोड़ रुपये की आय हो सकती थी। उन्होंने कहा कि जेपीएनआईसी को 831 करोड़ रुपये और शाने-अवध को 428 करोड़ रुपये में बेचा गया। उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की टोल वसूली निजी हाथों में दिए जाने तथा एक्सप्रेसवे की पुनः कालीन बिछाने के कार्य में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने समाजवादी सरकार को बदनाम करने के लिए जेपीएनआईसी में भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए। उन्होंने सवाल किया कि यदि जेपीएनआईसी में भ्रष्टाचार था तो भाजपा सरकार दस वर्षों तक क्या जांच करती रही। उनके अनुसार सरकार ने अपने लोगों को संपत्तियां बेचने के लिए पहले आरोप लगाए और उसके बाद संपत्तियों को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में बनाए गए किसान बाजार को भी बेच दिया गया और वहां अपने लोगों के लिए होटल खुलवाया गया। शहीद पथ स्थित प्लासियो मॉल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह भी समाजवादी सरकार के समय बना था और इस तरह की इमारत और बाजार देश में कहीं और देखने को नहीं मिलता। अखिलेश यादव ने कहा कि जब प्लासियो मॉल को बेचा गया था, तब तत्कालीन उपमुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पत्र लिखा था। उन्होंने सवाल किया कि यदि शाने-अवध और प्लासियो मॉल को बेचने में भ्रष्टाचार हो सकता है तो दो पांच सितारा होटलों के बीच स्थित जेपीएनआईसी को बेचने में कितना भ्रष्टाचार हुआ होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है।

सपा अध्यक्ष ने भाजपा के गठन के समय जय प्रकाश नारायण के नाम और विचारों के इस्तेमाल का भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने गठन के समय जय प्रकाश नारायण की तस्वीर मंच पर लगाई थी और यह दिखाने का प्रयास किया था कि वह समाजवादी विचारधारा के रास्ते पर चलेगी। उन्होंने सवाल किया कि यदि भाजपा लोकनायक जय प्रकाश नारायण के विचारों से जुड़ाव दिखाती थी तो उनके नाम पर बनी इतनी महत्वपूर्ण इमारत को निजी हाथों में क्यों बेच दिया गया।

अखिलेश यादव ने कहा कि वह अधिवेशन के लिए सबसे अधिक चंदा देने वालों के विषय में विस्तार से नहीं जाना चाहते। उन्होंने कहा कि जो लोग पाकिस्तान की बात करते हैं, उन्हें यह भी जानना चाहिए कि भाजपा के गठन के समय चंदा देने वाले व्यक्ति के तार वहां से जुड़े होने की बात सामने आई थी।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार चाहती तो जेपीएनआईसी का अधूरा काम पूरा कराकर उसे जनता के उपयोग में लाया जा सकता था, लेकिन सरकार ने दस वर्षों में भी इसका काम पूरा नहीं होने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएनआईसी के निर्माण में मुख्य ठेकेदार सहित अन्य ठेकेदारों को काम पूरा होने की जांच किए बिना पूरा भुगतान कर दिया गया। उनके अनुसार ठेकेदारों को भुगतान करने के साथ उनसे यह भी लिखवा लिया गया कि वे अदालत नहीं जाएंगे।

सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार और लूट का आरोप लगाते हुए प्रदेश की कई निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कई स्थानों पर टूट गया है और जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के भी कई स्थानों पर टूटने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री के चले जाने के बाद ही टूट गया था। उन्होंने इसे भाजपा का जेब भरने वाला मॉडल बताया।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में बनाया गया आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे आज भी सबसे अच्छा मॉडल है। उन्होंने दावा किया कि एक्सप्रेसवे लंबे समय से बेहतर स्थिति में है और इसकी गुणवत्ता समाजवादी सरकार के निर्माण कार्यों का उदाहरण है।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में हत्या और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उनके अनुसार जिस तरह पहले पंजाब और हरियाणा में हत्या की घटनाएं चर्चा में रहती थीं, उसी तरह की घटनाएं अब उत्तर प्रदेश में भी होने लगी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में अपराध चरम पर है तथा गरीबों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है और लोगों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।

अखिलेश यादव ने नेपाल में आई बाढ़ से बड़ी संख्या में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सरकारों को पहले से तैयार रहना चाहिए, ताकि आपदा की स्थिति में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे आपदा प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था रखें और प्रभावित लोगों को तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराएं।

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