(अलवर)अरावली की पहाड़ियों में लगी भीषण आग, 3 किमी में फैली लपटें, काबू पाने के लिए बुलाई गई एनडीआरएफ
अलवर ,27 अक्टूबर ,(आरएनएस)। राजस्थान के अलवर जिले में रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरहेटा गांव के समीप अरावली पर्वतमाला की पहाड़ियों में सोमवार सुबह भड़की आग ने देर शाम तक विकराल रूप धारण कर लिया। सूखी झाड़ियों और घास में लगी यह आग तेज हवाओं के चलते करीब 3 किलोमीटर के दायरे में फैलते हुए सरहेटा और बर्डोद से आगे गोहा की पहाड़ी तक पहुंच गई। पहाड़ियों से उठती ऊंची लपटों और धुएं के गुबार को देखकर आसपास के ग्रामीण इलाकों में हड़कंप मच गया। दिनभर की कड़ी मशक्कत के बावजूद आग पर पूरी तरह नियंत्रण न होने और रात के अंधेरे को देखते हुए प्रशासन ने मोर्चा संभालने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को मौके पर बुलाया है।
सुबह 10 बजे लगी आग, तेज हवाओं ने बढ़ाई मुश्किल
ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 10 बजे सरहेटा की पहाड़ी पर अज्ञात कारणों से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। सूखी वनस्पतियों और तेज पछुआ हवाओं के संपर्क में आते ही आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और बड़े पहाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, वन विभाग की टीमें और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। स्थानीय ग्रामीणों और वालंटियर्स ने भी झाड़ियों की टहनियों और पानी की मदद से आग पर काबू पाने के लिए भरसक प्रयास किए। दिनभर की मशक्कत के बाद सरहेटा और बर्डोद की पहाड़ियों के लगभग ढाई किलोमीटर हिस्से में फैली आग को नियंत्रित कर लिया गया था, लेकिन हवा के झोंकों ने आग की चिंगारियों को आगे धकेल दिया।
गोहा की पहाड़ी तक पहुंचीं लपटें, दमकल और प्रशासनिक अमला तैनात
देर शाम होते-होते आग के अनियंत्रित होकर गोहा की पहाड़ी तक पहुंचने की खबर से प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी मच गई। आग बुझाने के लिए तुरंत दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां तैनात की गईं। वन विभाग के रेंज अधिकारी और राजस्व विभाग के अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। पथरीले और दुर्गम पहाड़ी रास्तों तथा रात के घने अंधेरे के कारण राहत व बचाव कार्य में भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
तहसीलदार बोले- एनडीआरएफ के साथ मिलकर तेजी से बुझाई जाएगी आग
मामले की जानकारी देते हुए तहसीलदार आशीष शर्मा ने बताया कि सुबह सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला राहत कार्य में जुट गया था। ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड के सहयोग से सरहेटा और बर्डोद के हिस्से को सुरक्षित कर लिया गया था, लेकिन गोहा की ओर आग का फैलाव जारी रहने के कारण एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मदद मांगी गई है। अधिकारियों ने बताया कि देर रात विशेषज्ञ दल के मौके पर पहुंचते ही संयुक्त अभियान चलाकर पहाड़ी के बाकी हिस्से में भड़की आग पर पूरी तरह काबू पाने का प्रयास किया जाएगा।

