उद्योग, व्यापार एवं श्रम बन्धुओं की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के डीएम ने दिए निर्देश
:-जलनिकासी, विद्युत व्यवस्था एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिल जमा कराने पर जोर—जिलाधिकारी
:-शहर में जाम एवं अतिक्रमण की समस्या पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
गोण्डा 1 सितम्बर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में उद्योग बन्धु, व्यापार बन्धु एवं श्रम बन्धु की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के उद्यमियों, व्यापारियों एवं श्रमिकों से जुड़ी समस्याओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों एवं गतकार्यवाही की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में उपस्थित उद्योग, व्यापार एवं श्रम बन्धुओं के पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों को जिलाधिकारी के समक्ष रखा गया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
बैठक में शहर के विभिन्न मार्गों पर लगने वाले जाम तथा सड़क के किनारे किए गए अतिक्रमण की समस्या पर विशेष रूप से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने एआरटीओ, एआरएम रोडवेज, नगर मजिस्ट्रेट, पुलिस क्षेत्राधिकारी सिटी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी सिटी को संयुक्त रूप से शहर के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान संबंधित दुकानदारों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया जाए कि वे अपना सामान सड़क अथवा सड़क की पटरी पर न रखें, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो। निर्देशों का पालन न करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं तथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रभावी एवं निरंतर रूप से की जाए।
बैठक में नगर क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिशासी अधिकारी नगरपालिका गोण्डा को बड़े नाले के निर्माण हेतु कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी एवं व्यावहारिक योजना तैयार की जाए।
वहीं विद्युत विभाग के अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति एवं विद्युत बिल व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने जनपद में विद्युत सखियों को और अधिक सक्रिय करने पर जोर देते हुए कहा कि उनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को समय से विद्युत बिल जमा कराने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि राजस्व वसूली के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी सुविधा मिल सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, अपर उपजिलाधिकारी अशोक कुमार गुप्ता, पुलिस क्षेत्राधिकारी सिटी, डीसी उद्योग बाबूराम, एलडीएम विनोद तिवारी, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी महेंद्र कुमार मिश्र, एक्सईएन विद्युत राम मोहन पाण्डेय सहित अन्य विभागों के अधिकारी तथा उद्योग, व्यापार एवं श्रम बन्धुओं के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

