(कुशीनगर) किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के साथ मखाना एवं रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने पर दिया जोर:- जिलाधिकारी

(कुशीनगर) किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के साथ मखाना एवं रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने पर दिया जोर:- जिलाधिकारी

कुशीनगर, 20 अगस्त (आरएनएस)। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में माह अगस्त के ‘किसान दिवस’ का आयोजन किया गया। बैठक में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए कृषकों ने कृषि, गन्ना, सिंचाई, जलभराव, फसल क्षति तथा विभिन्न कृषि योजनाओं से संबंधित समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता एवं समयबद्ध ढंग से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिया।

बैठक में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रशिक्षण एवं आवश्यक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि 6 अगस्त को आजमगढ़ में आयोजित प्रशिक्षण में जनपद के 30 कृषकों को मखाना की खेती की जानकारी एवं प्रशिक्षण हेतु भेजा गया था। प्रशिक्षण के दौरान कृषकों को मखाना की खेती की वैज्ञानिक तकनीक, उत्पादन प्रक्रिया, आवश्यक प्रबंधन तथा उत्पादन उपरांत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण से लौटे कृषकों ने मखाना उत्पादन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की उपयोगी जानकारी साझा की तथा मखाना उत्पादन के लिए आवश्यक मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में उपलब्ध जलभराव वाले क्षेत्रों एवं उपयुक्त भूमि का उपयोग मखाना उत्पादन के लिए किया जा सकता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ मखाना उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने किसानों को मखाना एवं अन्य आयवर्धक कृषि गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। रेशम उत्पादन के संबंध में बताया गया कि रेशम विभाग द्वारा शहतूत के पौधे किसानों को निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। शहतूत के पौधों के माध्यम से रेशम कीट पालन कर किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। कृषकों को शहतूत रेशम, एरी एवं मुंगा रेशम सहित रेशम उत्पादन की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई तथा विभागीय योजनाओं एवं प्रशिक्षण का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। गन्ना क्रय केंद्र बेलवनिया, खड्डा से संबंधित समस्या के संबंध में जिलाधिकारी ने जिला गन्ना अधिकारी को निर्देशित किया कि किसान की समस्या का तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही गन्ना आयुक्त को भी पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। एक कृषक द्वारा क्षतिग्रस्त गन्ने के सर्वे एवं शिकायतों के संबंध में जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की शिकायतों का स्थलीय परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनपद में जलभराव की समस्या को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के संबंध में भी कृषकों को जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि सूखा, बाढ़, तूफान, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाती है। खरीफ फसलों के लिए किसान प्रीमियम की अधिकतम 2 प्रतिशत तथा उद्यानिकी फसलों के लिए 5 प्रतिशत तक निर्धारित प्रीमियम का भुगतान कर योजना का लाभ ले सकते हैं। योजना में नामांकन के लिए आधार कार्ड, भूमि संबंधी अभिलेख, बैंक पासबुक एवं आवश्यक दस्तावेज तथा सही मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने की जानकारी भी दी गई।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसान दिवस में प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा निस्तारण की आख्या उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने किसानों से अपील की कि मखाना, रेशम तथा अन्य आयवर्धक कृषि गतिविधियों को अपनाकर अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करें। इच्छुक कृषकों को संबंधित विभागों द्वारा तकनीकी प्रशिक्षण, मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में उप कृषि निदेशक, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, अधिशासी अभियंता विद्युत, जिला समन्वयक फसल बीमा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए कृषक उपस्थित रहे।

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