नाटक में दिखा परिवार के बटवारे का दर्द
प्रयागराज। राष्ट्रीय शिल्प महोत्सव में बुनियाद फाउंडेशन द्वारा मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी पर आधारित नाटक अलग्योझा का मंचन किया।मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘अलग्योझा’ संयुक्त परिवार के टूटने, आपसी कलह और पारिवारिक विभाजन की समस्या पर आधारित है।
नाटक में दिखाया गया की कैसे भोला महतो अपनी पहली पत्नी की मृत्यु के बाद दूसरी शादी करके पन्ना को घर लाता है। भोला के पहली पत्नी से दस साल का बेटा रघु था। पन्ना के आने के बाद रग्घू के बुरे दिन शुरू हो जाते हैं।धीरे-धीरे घर में तनाव और कलह बढ़ने लगती है। अंततः पारिवारिक परिस्थितियों और मतभेदों के कारण घर का बँटवारा हो जाता है।
नाटक का निर्देशन किया हरिओम कुमार ने तथा मार्गदर्शन रहा असगर अली का। नाटक में बीकेम और द कलर्स फाउंडेशन का सहयोग रहा
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