मानक पर खड़े नहीं उतर रहे शहर में खुले सैकड़ो पेइंग गेस्ट हाउस
आगंतुकों के पतों का सत्यापन करना मुनासिब नहीं समझते गेस्ट हाउस स्वामी
अयोध्या।शहर में खुले सैकड़ो पेइंग गेस्ट हाउस मानक पर खड़े नहीं उतर रहे हैं। यहां पर रहने वाले आगंतुकों के पतो का सत्यापन करना भी संबंधित गेस्ट हाउस के संचालक मुनासिब नहीं समझते हैं।वही कई गेस्ट हाउस ऐसे जगहो पर जहाँ पर रास्ता सकरा व गलियों के चलते चार पहिया छोटे वाहन भी अंदर नहीं जा सकते हैं।जिसके चलते अयोध्या विकास प्राधिकरण, नगर निगम, पुलिस विभाग के साथ साथ फायर विभाग के कार्य शैली पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है।लेकिन सत्तादलों व तीन विभागों के अधिकारियों के मिलीभगत से लोगों को नियम कानून को ताख पर रखकर बिना भौतिक सत्यापन के रेवड़ी की तरह होम स्टे और गेस्ट हाउस का लाइसेंस रेवड़ी की तरह बांटा जा रहा है। विकास प्राधिकरण कार्यालय के मुताबिक वर्तमान समय मे शहर के कई मोहल्लों, कॉलोनियों,स्थानों में करीब 1300 से अधिक पेइंग गेस्ट हाउस खुले हुए है। विकास प्राधिकरण की मानक के मुताबिक गेस्ट हाउस खोलने के लिए आने जाने के लिए रास्ते और आपातकाल में छोटी दमकल एम्बुलेंस आदि आने जाने के लिए रास्ते भी होने चाहिए।लेकिन शहर के कई ऐसे मोहल्लों,गलियों व कई सकरी गलियों में इस तरीके पेइंग गेस्ट हाउस खुले हुए देखे जा सकते हैं जो मानक पर खड़े नहीं उतर रहे।सवाल यह उठता है कि आखिर किस बात पर सहमत होकर अधिशयन विभाग ने इन गेस्ट हाउसों को खोलने के लिए एनओसी जारी कर दिया।जबकि यहां पर ना तो निकलने का रास्ता है और ना ही अन्य संसाधन।वहीं पुलिस विभाग भी इन गेस्ट हाउस को ना तो निरीक्षण करती है और ना ही इन गेस्ट हाउस में रुकने वाले लोगों का तथा उनके पतों का सत्यापन करती है। जब कभी शहर में कोई बड़ी घटना हो जाती है तब पुलिस दिखावे की नाम पर कुछ होटलों तथा गेस्ट हाउस में चेकिंग करने का ड्रामा जरूर करती है।वही गेस्ट हाउस के स्वामी भी इन जगहों पर रुकने वाले आगंतुकों के आधार कार्ड का सत्यापन भी नहीं करना चाहते और बिना सत्यापन कराए इन लोगों को कमरे में रुकने के लिए अनुमति प्रदान कर देते हैं।जबकि रामनगरी सुरक्षा के दृष्टि से अति संवेदनशील की श्रेणी में आती है।इसके बावजूद भी यहां पर सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा
है।

