(रायपुर) 1 अक्टूबर की महा रैली से पहले बीएमएस की 24 मांगों पर सरकार का मंथन

 

 

(रायपुर) 1 अक्टूबर की महा रैली से पहले बीएमएस की 24 मांगों पर सरकार का मंथन

० मुख्यमंत्री के सामने श्रमिक मुद्दे रखे, समाधान के लिए मंत्रिस्तरीय उपसमिति गठित; रैली से पहले सरकार देगी विस्तृत जवाब

रायपुर, 26 सितंबर (आरएनएस)। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) छत्तीसगढ़ प्रदेश की 1 अक्टूबर को प्रस्तावित महा रैली, धरना और प्रदर्शन से पहले संगठन ने श्रमिकों से जुड़े 24 प्रमुख मुद्दे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने रखे। मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े श्रमिकों की मांगों पर चर्चा की गई। मांगों के समाधान की दिशा में आगे विचार-विमर्श के लिए मंत्रिस्तरीय उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में बीएमएस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका, आशा कार्यकर्ता और मध्यान्ह भोजन रसोइयों के मानदेय में वृद्धि की मांग की। ठेका एवं संविदा कर्मचारियों के लिए निगम गठित कर सीधे भुगतान और न्यूनतम 30 हजार रुपए मासिक वेतन, बिजली कंपनियों के संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा कर्मचारियों के लिए चतुर्थ समयमान वेतनमान, 1 जनवरी 2026 से लंबित महंगाई भत्ता और एरियर्स का भुगतान, नगरीय निकाय कर्मचारियों को समय पर वेतन तथा पदोन्नति का लाभ देने की मांग शामिल है। सातवें वेतनमान के एरियर्स का भुगतान और समर्थन मूल्य कंप्यूटर ऑपरेटरों को 12 माह का वेतन व नियमितीकरण की मांग भी संगठन ने उठाई।

० औद्योगिक और निजी क्षेत्र के श्रमिकों के मुद्दे भी उठे

बीएमएस ने भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों का 2017 से लंबित वेतनमान लागू करने तथा ठेका श्रमिकों को खनिज विभाग के ठेका श्रमिकों के समान मजदूरी देने की मांग की। कोल इंडिया में जेबीसीसीआई-12 का गठन कर 12वां वेतन समझौता लागू करने का मुद्दा भी रखा गया। संगठन ने सभी श्रमिकों के लिए 30 हजार रुपए न्यूनतम वेतन, ईएसआईसी की वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपए, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए 7,500 रुपए न्यूनतम पेंशन, महंगाई भत्ता व चिकित्सा सुविधा तथा पीएफ की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने की मांग की। बोनस की गणना की वेतन सीमा 7 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपए करने का प्रस्ताव भी रखा गया। औद्योगिक दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य और जिला स्तर पर औद्योगिक सुरक्षा समितियां गठित करने तथा इनमें श्रमिक प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

० 1 अक्टूबर से पहले जवाब का आश्वासन

बैठक में मुख्यमंत्री ने बीएमएस प्रतिनिधिमंडल की मांगों को सुना। संगठन के अनुसार, 1 अक्टूबर को प्रस्तावित महा रैली और धरना-प्रदर्शन से पहले सरकार की ओर से मांगों पर विस्तृत जवाब देने का आश्वासन दिया गया है। इसके लिए मंत्रिस्तरीय उपसमिति के माध्यम से आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और वित्त मंत्री ओपी चौधरी मौजूद रहे। बीएमएस की ओर से क्षेत्र संगठन मंत्री सीवी राजेश, अखिल भारतीय मंत्री राधेश्याम जायसवाल, प्रदेश अध्यक्ष शोभा सिंह देव, अखिल भारतीय सह-उद्योग प्रभारी दिनेश कुमार पांडे और प्रदेश महामंत्री शशिध्वनि बनाफर सहित विभिन्न महासंघों के पदाधिकारी शामिल हुए। संगठन के मुताबिक कुल 16 प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया।

बंछोर

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