सीपीआर प्रशिक्षण से बचाई जा सकती है अनमोल जिंदगी-डीएम
सुलतानपुर । इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), सुलतानपुर के तत्वावधान में शुक्रवार को पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में बुनियादी जीवन रक्षक प्रणाली (सीपीआर) पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह मुख्य अतिथि तथा नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पुलिस विभाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों और एमजीएस विद्यालय के विद्यार्थियों ने कार्यशाला में प्रतिभाग किया।
कार्यशाला के दौरान चिकित्सकों ने प्रतिभागियों को सीपीआर देने की विधि का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। डमी के माध्यम से सीपीआर की प्रक्रिया समझाते हुए आपातकालीन स्थिति में तत्काल और सही तरीके से प्राथमिक सहायता देने के महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को जागरूक और अपने दायित्वों के प्रति सजग रहना चाहिए। सीपीआर एक महत्वपूर्ण जीवनरक्षक प्रक्रिया है, जिसकी जानकारी प्रत्येक जागरूक नागरिक को होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में समय पर और सही तरीके से दिया गया सीपीआर किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाएं जनहित में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय हैं। जिला प्रशासन की ओर से जनजागरूकता और जनहित से जुड़े ऐसे आयोजनों के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाता रहेगा। वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन एवं सीपीआर प्रशिक्षक डॉ. ए.पी. अरोड़ा ने प्रतिभागियों को सीपीआर देने की प्रक्रिया का विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में सही तरीके से सीपीआर देकर पीड़ित को समय पर सहायता उपलब्ध कराना जीवन बचाने में निर्णायक साबित हो सकता है। कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत करते हुए डॉ. जे.पी. सिंह ने सीपीआर प्रशिक्षण की आवश्यकता और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आमजन को जीवनरक्षक तकनीकों के प्रति जागरूक एवं प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करने में सक्षम बन सकें। समापन अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ए.के. सिंह ने कहा कि हृदय की धड़कन अचानक रुक जाने की स्थिति में सीपीआर जीवनरक्षक साबित हो सकता है। उन्होंने कार्यशाला में सहभागिता करने वाले अतिथियों, चिकित्सकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक सिंह ने किया। इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक एस.पी. सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन, जिला क्रीड़ा अधिकारी राजेश सोनकर, उप जिला विद्यालय निरीक्षक जटाशंकर यादव, वरिष्ठ समाजसेवी अमर बहादुर सिंह, डॉ. सुभाष सिंह, डॉ. अंकुर सेठ, डॉ. सुधाकर सिंह, डॉ. ए.एन. सिंह, डॉ. एस.के. गोयल, सच्चिदानंद सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

