(कुशीनगर) पडरौना राजदरबार की 1503.57 एकड़ सीलिंग भूमि राज्य सरकार में निहित
—- 44 वर्षों के लंबे कानूनी लडाई के बाद आया ऐतिहासिक फैसला, गरीबों को पट्टा एवं विकास कार्यों की खुली राह।
कुशीनगर, 20 अगस्त (आरएनएस)। जिला प्रशासन के अथक प्रयास से पडरौना राजदरबार की 1503. 57 एकड़ सीलिंग भूमि राज्य सरकार में निहित कर दी गई है। जिला प्रशासन ने 44 वर्षों से चले आ रहे कानूनी लडाई के बाद उत्तर प्रदेश अधिकतम जोत सीमा आरोपण, सीलिंग अधिनियम के तहत पडरौना राजदरबार की सीलिंग खातेदार मृतक रानी रेवती देवी पत्नी स्व० रवि प्रताप नारायन सिंह निवासी पडरौना की तहसील पडरौना, खड्डा, कसया एवं कप्तानगंज में स्थित विशाल भू-संपदा के विरुद्ध सीलिंग की कार्यवाही की है।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन के क्रम में अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) कुशीनगर द्वारा इस मामले में प्रभावी पैरवी एवं निरंतर अनुश्रवण के परिणाम स्वरूप पडरौना राजदरबार की मृतक खातेदार रानी रेवती देवी के सीलिंग वाद का अंतिम निस्तारण हो गया है। नियत प्राधिकारी सीलिंग, अपर जिलाधिकारी न्यायिक कुशीनगर द्वारा दिनांक 14.08.2026 को पारित आदेश के तहत कुल 1503.57 एकड़ अतिरिक्त भूमि राज्य सरकार में निहित कर दी गई है। बताया जाता है कि इस मामले में 44 वर्षों से चले आ रहे कानूनी लडाई में उत्तर प्रदेश अधिकतम जोत सीमा आरोपण, सीलिंग अधिनियम के तहत पडरौना राजदरबार की सीलिंग खातेदार मृतक रानी रेवती देवी पत्नी स्व० रवि प्रताप नारायन सिंह निवासी पडरौना की तहसील पडरौना, खड्डा, कसया एवं कप्तानगंज में स्थित विशाल भू-संपदा के विरुद्ध सीलिंग कार्यवाही प्रारम्भ की गई थी। नियत प्राधिकारी द्वारा दिनांक 30.11.1978 को पारित आदेश के तहत पुरानी सीलिंग अधिनियम 1960 के अंतर्गत 359.61 एकड़ तथा संशोधित सीलिंग अधिनियम 1974 के अंतर्गत सिंचित अर्थों में 66.75 एकड़ सामान्य अर्थों में 131.23 एकड़ भूमि अतिरिक्त घोषित की गई थी। उक्त आदेश के विरुद्ध खातेदार द्वारा तत्कालीन जिला जज देवरिया के समक्ष अपील दाखिल की गई। अपीलीय न्यायालय द्वारा दिनांक 03.02.1982 को आदेश निरस्त करते हुए प्रकरण को पुनः रिमांड कर दिया गया। कार्यवाही प्रारम्भ होने पर सीलिंग खातेदार रानी रेवती देवी एवं अन्य द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद के समक्ष याचिका संख्या 905/1983 दाखिल की गई। उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 21.01.1983 को सीलिंग कार्यवाही पर स्थगन आदेश पारित किया गया। उक्त याचिका दिनांक 05.07.2002 को (अभाव में खारिज) कर दी गई। याचिका खारिज होने के साथ ही पूर्व में पारित स्थगन आदेश भी समाप्त हो गया। इसके बावजूद तथाकथित वारिसों द्वारा सैकड़ों एकड़ सरकारी भूमि को अवैध रूप से खुर्द-बुर्द एवं विक्रय करने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे राज्य सरकार को अपूरणीय क्षति की स्थिति उत्पन्न हो रही थी।
इनसेट– 14 अगस्त 2026 को 1503.57 एकड़ भूमि राज्य सरकार में निहित:- नियत प्राधिकारी (सीलिंग)/अपर जिलाधिकारी न्यायिक कुशीनगर द्वारा मामले में तत्परता से कार्यवाही करते हुए अपीलीय न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सीलिंग खातेदार के विधिक उत्तराधिकारियों के लिए नियमानुसार केवल 18.04 एकड़ सिंचित भूमि उनके उपयोग हेतु छोड़ते हुए, शेष 1503.57 एकड़ भूमि को अतिरिक्त सीलिंग घोषित कर राज्य सरकार के अधीन निहित करने का आदेश 14 अगस्त 2026 को पारित किया गया।
इनसेट– तहसील एवं ग्रामवार सीलिंग भूमि का विवरण:- तहसील पडरौना में 339.54 एकड़
कुल 68 ग्रामों की 339.54 एकड़ भूमि अतिरिक्त घोषित की गई। संबंधित ग्रामों में सिधुआ, हिरनहा, नोनिया पट्टी, पडरौना, पगरा बुजुर्ग, रतनवा, परसौनी कला, जंगल खिरकिया, गम्हिरिया खुर्द, जानकी नगर, त्रिलोकपुर खुर्द, चैती मुसहरी, चिरईहवा, बकुलहा, जगदीशपुर जंगल, जंगल चौरिया, बन्धू छपरा, कन्ठी छपरा, खड्डा खुर्द, अरनहवा, मोजाहिदा खास, बाजू पट्टी, पटहेरिया आवादकारी, खेरिया, रामबल कुकरहा, जंगल बेलवा, कंठी छपरा, गांधी कोठिलवा, एकवनही उर्फ भागवतपुर, सिंगापट्टी, शाहपुर जंगल, धर्मपुर, सेमरिया कला, कॉटी, विशुनपुरा, नौतन हरदो, सिधुआ बांगर, प्रसादपुर रसूलपुर, मिल्हा, बेलहा, सिसवा मठिया, नादह हरैया बुजुर्ग, कसिया, परसौनी, धोरहरा, परखनहा आवादकारी, गांगरानी, कोहरवलिया, जंगल अमवा बबुईया हरपुर, विशुनपुरा, जगदीशपुर, मिश्रौली खिरकिया जंगल, हिरनहीं, गम्हिरिया बुजुर्ग, मोजाहिदा, रायगंज, जंगल गायघाट, पकडियार बेलही, हरैया बुजुर्ग, डुम्भरभार, पचफेड़ा एवं बढवलिया खुर्द आदि शामिल हैं। तहसील खड्डा में 1127.43 एकड़
कुल 23 ग्रामों की 1127.43 एकड़ भूमि अतिरिक्त घोषित हुई। इनमें मदनपुर सुकरौली, धरनी पट्टी, रामजी पट्टी, कोप जंगल, खड्डा कला, खड्डा, सिसवा राम सहाय, सिसवा मनिराज, खड्डा खुर्द, सिसवा गोपाल, पकड़ी बृजलाल, हथिया, तिनबरदहाँ, तुर्कही, डोमन छपरा, मन्सा छपरा, चमरडीहा, सखुई खास, सखुई खाफ, नौतार जंगल दरगौली, रामपुर गोनहीं एवं बोधी छपरा शामिल हैं। तहसील कसया में 10.00 एकड़, तहसील कप्तानगंज में 26.60 एकड़ ग्राम रामपुर बगहा की भूमि शामिल है। कुल योग 1503.57 एकड़ शामिल हैं।
इनसेट– गरीब एवं भूमिहीन परिवारों को मिलेगा पट्टा:- सीलिंग से मुक्त कराई गई भूमि को क्षेत्र के अत्यंत निर्धन, भूमिहीन किसानों तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के पात्र परिवारों को नियमानुसार कृषि एवं आवासीय पट्टे के रूप में आवंटित करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।
इनसेट– जनकल्याणकारी विकास कार्यों में उक्त भूमि का होगा उपयोग:- इस भूमि का उपयोग नियमानुसार अस्पताल, विद्यालय, खेल का मैदान, आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत भवन एवं अन्य जनकल्याणकारी आधारभूत संरचना परियोजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।
इनसेट– अवैध कब्जों पर होगी सख्त कार्रवाई:- सीलिंग भूमि पर यदि किसी व्यक्ति अथवा भू-माफिया द्वारा अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे तत्काल बेदखल करते हुए नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

