गाजियाबाद में दिखी संवेदनशील प्रशासन की मिसाल, घर पहुंचकर सुलझाई रजिस्ट्री की समस्या

ब्यूरो चीफ / राजेश कुमार गुप्ता
गाजियाबाद। सरकारी तंत्र में आम नागरिकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की दो मिसालें गाजियाबाद में सामने आई हैं। एक ओर गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने एक वर्ष से लंबित रजिस्ट्री की समस्या का आवंटी के घर पहुंचकर समाधान कराया, वहीं नगर निगम ने करीब 15 वर्ष पहले शहर और पर्यावरण हित में सुझाव देने वाले वरिष्ठ नागरिक को सम्मानित किया।
नगर निगम ने लाजपत नगर, साहिबाबाद निवासी जयंत बाबूराव को उनके जनहित और पर्यावरण संबंधी प्रयासों के लिए सम्मानित किया। बताया गया कि करीब 15 वर्ष पहले उन्होंने श्वानों में माइक्रोचिप लगाने, गीले कचरे से खाद बनाने सहित शहर और पर्यावरण से जुड़े कई सुझाव निगम को दिए थे। वह लगातार निगम के साथ मिलकर शहरहित के कार्यों में सहयोग करते रहे हैं। हाल में निगम के कार्यों के लिए धन्यवाद देने पहुंचे जयंत बाबूराव को नगर आयुक्त ने प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
वहीं, जीडीए की जनसुनवाई में साहिबाबाद निवासी दर्शन सिंह मेहता ने अपने भवन की रजिस्ट्री से जुड़ी समस्या जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि इन्द्रप्रस्थ योजना में भवन संख्या जे-701, 2 बीएचके टाइप-1 का आवंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ योजना के तहत हुआ था। भुगतान और देय धनराशि से संबंधित लिपिकीय त्रुटि के चलते अतिरिक्त देयता की स्थिति बनने से करीब एक वर्ष से रजिस्ट्री लंबित थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को आवंटी के घर जाकर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। इसके बाद अधिकारी और कर्मचारी आवंटी के भवन पर पहुंचे, उनकी समस्या सुनी और आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रकरण का निस्तारण सुनिश्चित किया।

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