कोर्ट में नहीं पेश हुए जगद्गुरू रामभद्राचार्य
नोटिस का भी नहीं दिया जवाब, अब 31 अक्टूबर को सुनवाई
प्रयागराज। तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामभद्राचार्य के खिलाफ प्रयागराज जिला कोर्ट दर्ज परिवाद मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। प्रयागराज कोर्ट में न तो रामभद्राचार्य पेश हुए न ही उनकी तरफ से नोटिस का जवाब आया। न ही उनके वकीलों ने कोर्ट में कोई जवाब दाखिल किया। ऐसे में मामले की सुनवाई अब 31 अक्टूबर को होगी। रामभद्राचार्य पर परिवाद दाखिल करने वाले वादी सुरेश चंद्र उपाध्याय कोर्ट में मौजूद रहे। उन्होंने एक बार फिर रामभद्राचार्य पर कार्रवाई की मांग की है।
रामभद्राचार्य के एक बयान के खिलाफ कोर्ट ने परिवाद दर्ज कर उन्हें नोटिस जारी किया था। अब रामभद्राचार्य को इस मामले में जवाब देना है। रामभद्राचार्य पर परिवाद वाराणसी के रहने वाले याचिकाकर्ता सुरेश चंद्र उपाध्याय ने 14 सितंबर 2026 दर्ज कराया था।
बयान में जगद्गुरू ने कहा था- ऊंच कुल के ब्राह्मण अपनी बेटियां उपाध्याय, चौबे, त्रिगुणायत, दीक्षित और पाठकों को नहीं देते, क्योंकि हम इन्हें अधम मानतें हैं। याचिकाकर्ता ने कहा कि रामभद्राचार्य की लोग पूजा करते हैं। वृंदावन में भागवत कथा के दौरान दिए उनके बयान के बाद उपाध्याय समाज को लोग बुरी नजर से देखने लगे। लड़के-लड़कियों की शादी में रुकावट आने लगी है। रामभद्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।

