अयोध्या मंडल कारागार से फरार एक लाख रुपये का इनामी बंदी दिल्ली से गिरफ्तार
लखनऊ ( आरएनएस )। उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने अयोध्या मंडल कारागार से फरार एक लाख रुपये के इनामी बंदी शेर अली उर्फ शेरा को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी को 28 अक्टूबर की रात मयापुरी थाना क्षेत्र के खजान बस्ती स्थित बी-ब्लॉक से पकड़ा गया। वह अयोध्या के कोतवाली नगर थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित था। गिरफ्तारी के बाद उसे संबंधित मुकदमे में दाखिल कर दिया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस करेगी।एसटीएफ के अनुसार, प्रदेश में वांछित और इनामी अपराधियों की गतिविधियों के संबंध में सूचनाएं मिलने के बाद विभिन्न टीमों को निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक प्रमेश कुमार शुक्ल के पर्यवेक्षण में एसटीएफ की अयोध्या फील्ड इकाई आरोपी की तलाश कर रही थी। उपनिरीक्षक सौरभ मिश्रा के नेतृत्व में टीम को सूचना मिली कि शेर अली दिल्ली के मयापुरी इलाके में छिपकर रह रहा है। इसके बाद टीम ने दिल्ली पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2024 में अयोध्या के बीकापुर क्षेत्र में वह टावर मरम्मत का काम करता था। इसी दौरान कृष्ण कुमार से विवाद होने पर उसने कथित तौर पर गोली चला दी थी, जिससे कृष्ण कुमार घायल हो गए थे। इस मामले में बीकापुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था और आरोपी को मंडल कारागार अयोध्या में बंद किया गया था।एसटीएफ की विज्ञप्ति के मुताबिक, शेर अली को जेल में बंदी गोलू अग्रहरि के साथ बैरक में रखा गया था। दोनों 29 जनवरी 2026 को जेल की खिड़की के पास की ईंटें निकालकर बाहर निकले और गद्दे तथा कंबल फाड़कर बनाई गई रस्सी की मदद से जेल की ऊंची दीवार पार कर फरार हो गए थे। फरारी के बाद शेर अली लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, ताकि पुलिस की गिरफ्त में न आए। कुछ समय पहले वह दिल्ली पहुंचा और वहां मजदूरी तथा पुताई का काम करने लगा था।एसटीएफ के अनुसार, शेर अली के खिलाफ अयोध्या, सुल्तानपुर और जौनपुर सहित विभिन्न जिलों में हत्या के प्रयास, मारपीट, शस्त्र अधिनियम और गैंगस्टर अधिनियम से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास की विस्तृत जांच और अन्य मामलों में उसकी भूमिका के संबंध में आगे की कार्रवाई संबंधित पुलिस करेगी।

