(काठमाण्डू)नेपाल में भारी बर्फबारी के बीच फंसे छह भारतीय पर्यटक हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाले गए
0-प्रसिद्ध शे-फोकसुंडो झील की यात्रा पर निकले थे पर्यटक, नुमला और बागला दर्रे के बीच फंसे
काठमांडू,02 नवंबर। नेपाल के डोल्पा जिले में भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण फंसे छह भारतीय पर्यटकों को सोमवार सुबह हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बचा लिया गया। सभी पर्यटक नेपाल की प्रसिद्ध शे-फोकसुंडो झील की यात्रा पर निकले थे। इसी दौरान भारी बर्फबारी के कारण उनका रास्ता बंद हो गया और वे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में फंस गए। जिला प्रशासन ने सभी छह पर्यटकों के सुरक्षित निकाले जाने की पुष्टि की है। अधिकारियों के अनुसार, सभी की हालत सामान्य है।
डोल्पा की मुख्य जिला अधिकारी जुनू हमाल ने बताया कि पर्यटकों को निकालने के लिए बचाव अभियान दो चरणों में पूरा किया गया। पहले दो महिलाओं को हेलीकॉप्टर की मदद से जिला मुख्यालय पहुंचाया गया। इसके बाद शेष चार पर्यटकों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया। उन्होंने बताया कि सभी छह पर्यटक सुरक्षित हैं और उन्हें किसी तरह की गंभीर परेशानी नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, सभी पर्यटक डोल्पो बुद्ध ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड संख्या 4 और 8 से शे-फोकसुंडो झील की ओर जा रहे थे। इसी दौरान वे नुमला दर्रे और बागला दर्रे के बीच के दुर्गम इलाके में फंस गए। अधिकारियों ने बताया कि पर्यटकों ने इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए आवश्यक अनुमति भी नहीं ली थी। स्थानीय लोगों ने खराब मौसम को देखते हुए उन्हें यात्रा नहीं करने की सलाह दी थी, लेकिन इसके बावजूद वे आगे बढ़ गए।
बताया गया है कि चक्रवात अर्नब के प्रभाव से इस क्षेत्र में भारी बर्फबारी हुई थी। इससे पहाड़ी रास्तों पर आवागमन मुश्किल हो गया और पर्यटकों की परेशानी बढ़ गई। जिला प्रशासन ने पहले ही मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए लोगों से जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की थी।
छह भारतीय पर्यटकों को बचाने के लिए रविवार को ही अभियान शुरू किया जाना था, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण इसमें देरी हुई। शुरुआत में नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर से बचाव की कोशिश की गई, लेकिन उड़ान भरने के दौरान तकनीकी परेशानी आने के कारण अभियान रोकना पड़ा।
इसके बाद सिमरिक एयर के हेलीकॉप्टर की मदद से बचाव अभियान चलाने का प्रयास किया गया। हालांकि, शाम करीब 4:30 बजे तकनीकी खराबी के चलते इस प्रयास को भी रोकना पड़ा। आखिरकार सोमवार सुबह करीब छह बजे अभियान दोबारा शुरू किया गया और सभी छह पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
प्रशासन की ओर से बचाए गए भारतीय पर्यटकों की पहचान मौमिता हलधर, पियाली कोले, जजला त्रिवेदी कुमार, आदित्य सिंघा, डिप्लिना बिस्वास और राजेश डे के रूप में की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सभी पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।
नेपाल के करनाली प्रांत के डोल्पा जिले में स्थित शे-फोकसुंडो झील अपनी प्राकृतिक सुंदरता और गहरे फिरोजी रंग के पानी के लिए प्रसिद्ध है। चारों ओर ऊंचे पहाड़ों से घिरी यह झील नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। पिछले कुछ वर्षों में यहां देशी और विदेशी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है।
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, अपर डोल्पा क्षेत्र में कुल 244 पर्यटक पहुंचे हैं। इनमें 149 नेपाली नागरिक, दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) देशों के 44 पर्यटक और अन्य देशों के 51 नागरिक शामिल हैं। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 के शुरुआती 11 महीनों में कुल 4,882 पर्यटकों ने शे-फोकसुंडो झील की यात्रा की।
इस घटना के बाद दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की जानकारी और आवश्यक अनुमति के बिना यात्रा करने के जोखिम एक बार फिर सामने आए हैं। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और स्थानीय अधिकारियों की सलाह के बिना जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में प्रवेश
न करें।
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