(कोलकाता)पश्चिम बंगाल विधानसभा के शौचालय में मिला कैंटीन कर्मचारी का शव, परिसर की सुरक्षा पर उठे सवाल
0-15 वर्षों से अस्थायी कर्मचारी के रूप में कार्यरत था उमेश चंद्र दास, पुलिस ने शुरू की जांच; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
कोलकाता,02 नवंबर (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा के भीतर सोमवार सुबह एक कैंटीन कर्मचारी का शव मिलने से हड़कंप मच गया। कर्मचारी का शव विधानसभा भवन के विश्राम कक्ष में बने शौचालय में मिला। घटना के बाद विधानसभा जैसे अति सुरक्षित और संवेदनशील परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक की पहचान उमेश चंद्र दास के रूप में हुई है। वह पिछले 15 वर्षों से विधानसभा में अस्थायी कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा था। कोलकाता पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध विभाग) कुणाल अग्रवाल ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की हत्या जांच शाखा के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
पुलिस और विधानसभा सूत्रों के मुताबिक, सोमवार सुबह विधानसभा भवन के एक शौचालय में अन्य कर्मचारियों ने उमेश चंद्र दास को बेहोशी की हालत में पड़ा देखा। इसके बाद तत्काल विधानसभा के संबंधित अधिकारियों और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को सूचना दी गई। स्थानीय पुलिस थाने को भी घटना की जानकारी दी गई।
सूचना मिलते ही हेयर स्ट्रीट थाने की पुलिस टीम विधानसभा परिसर पहुंची। पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की सहायता से कर्मचारी को विश्राम कक्ष से बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फिलहाल उमेश चंद्र दास की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसकी मृत्यु किसी शारीरिक बीमारी के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
घटना के बाद विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। विधानसभा भवन के अंदर लगे निगरानी कैमरों के दृश्य खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा मृतक के साथ काम करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं का पता लगाया जा सके।

