अखंड जप, गायत्री यज्ञ, दीप यज्ञ व विविध संस्कारों के साथ जन्म शताब्दी समारोह का समापन
बेंगलुरु।
गायत्री परिवार के संस्थापक वेद मूर्ति पं.श्रीराम शर्मा आचार्य एवं उनकी धर्मपत्नी व सह-संस्थापिका भगवती देवी शर्मा का जन्मदिन गायत्री चेतना केंद्र, बेंगलुरु के परिसर में गायत्री यज्ञ एवं दीप यज्ञ के साथ मनाया गया। इस अवसर पर यज्ञ के साथ पुंसवन और अन्नप्राशन आदि विविध संस्कार भी संपन्न कराए गए। आरती और शांति पाठ के साथ शांतिकुंज (हरिद्वार) के मार्गदर्शन में एक वर्ष तक जन्म शताब्दी समारोह के अंतर्गत विविध धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का भी समापन हो गया।
नीतू सिन्हा और मीनाति साहू ने गायत्री यज्ञ का संचालन किया। वंदनीया माताजी भगवती देवी शर्मा द्वारा शुरू किए गए *नारी जागरण अभियान* और *21वीं सदी, नारी सदी* के स्पष्ट उद्घोष के संबंध में नीतू सिन्हा ने विस्तार से जानकारी दी। पुंसवन संस्कार और अन्नप्राशन आदि विविध संस्कार दिव्यांशु पारखे ने संपन्न कराए।
वंदनीया माता जी भगवती देवी शर्मा के जन्म के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में 12 घंटे तक चले अखंड गायत्री जप का समापन होने के बाद दीप महायज्ञ संपन्न हुआ। दीप यज्ञ का संचालन आचार्य कमलेश खरे ने किया। गायत्री चेतना केंद्र परिसर में रंगोली के साथ सजाए गए दीपकों को प्रज्वलित करके जब गायत्री मंत्र के साथ सामूहिक स्वरों में आहुतियां दी गई तो वातावरण अत्यंत आध्यात्मिक और भक्ति मय हो गया। चेतना केंद्र के ऊपाचार्य मनमोहन एंव रोशनी की बेटी भाग्यश्री का जन्म दिवस समारोह भी दीप यज्ञ के साथ सम्पन्न हुआ।
उल्लेखनीय है कि वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में साधना आंदोलन के अंतर्गत एक वर्षीय अभियान साधना का संकल्प अक्टूबर 2025 को नारी शक्ति टीम ने लिया था और यह जप माताजी को समर्पित किया। इस जप की पूर्णाहुति भी रविवार की शाम माताजी के जन्मदिवस पर हुई। पूर्णाहुति का संकल्प गायत्री परिवार की प्रखर विदुषी रीता रजक ने लिया। उन्होंने नारी सशक्तिकरण पर प्रेरक विचार भी व्यक्त किए।

