ब्यूरो चीफ / सत्य प्रकाश उपाध्याय
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित एनडीएमसी पालिका पार्क में ‘खादी दिवाली फेस्ट-2026’ का आयोजन किया। ‘खादी वाली दिवाली’ थीम पर आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने किया। कार्यक्रम में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ संवाद और दिवाली मिलन समारोह भी आयोजित किया गया।
इस अवसर पर मनोज गोयल ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खादी को स्वावलंबन, स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खादी और स्वदेशी आंदोलन को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान खादी और स्वदेशी उत्पादों की खरीद से देश के कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक मजबूती मिलती है। स्वदेशी उत्पादों को अपनाना केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।
जेन-जी को खादी से जोड़ने पर जोर
केवीआईसी अध्यक्ष ने युवा पीढ़ी और जेन-जी से स्वदेशी अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजाइन, आकर्षक प्रस्तुति और बेहतर ब्रांडिंग के माध्यम से खादी को युवाओं के बीच अधिक लोकप्रिय बनाया जा सकता है। युवा सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग के जरिए खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत@2047’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के विजन को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए केवीआईसी ने ‘बात खादी की’ पॉडकास्ट की शुरुआत की है। इसके माध्यम से खादी की विरासत, आधुनिक फैशन, नवाचार और युवा उद्यमिता जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है, ताकि नई पीढ़ी को खादी और स्वदेशी आंदोलन से जोड़ा जा सके।
1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा कारोबार
मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद के दौरान मनोज गोयल ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। इस क्षेत्र के माध्यम से 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल टू ग्लोबल’ के विजन को साकार करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्टार्टअप के माध्यम से भारतीय उत्पादों को नई पहचान दिलाई जा सकती है। इससे स्थानीय उद्यमियों को नए अवसर मिलने के साथ देश की आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।
खादी उत्पादों पर 20 प्रतिशत तक की छूट
31 अक्टूबर से शुरू हुए ‘खादी दिवाली फेस्ट-2026’ में खादी उत्पादों पर 20 प्रतिशत और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है। इस महोत्सव का उद्देश्य दीपावली के अवसर पर स्वदेशी उत्पादों की खरीद को प्रोत्साहित करना और भारतीय कारीगरों तथा ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
महोत्सव के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे इस दीपावली खादी और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें, ताकि देश के लाखों कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में योगदान दिया जा सके।

