पंचवटी सीता हरण व राम – सुग्रीव मित्रता, सबरी मिलन एवं बालि बध का हुआ मंचन
नवाबगंज (गोण्डा) 27 अक्टूबर। कटरा शिवदयालगंज बाजार में चल रही 12 दिवसीय श्री रामलीला महोत्सव के पांचवें दिन पंचवटी सीता हरण , राम सुग्रीव मित्रता बालि बध की लीला का मंचन किया गया ! मंचन का शुभारंभ श्री राम माता जानकी लक्ष्मण जी की दिव्या झांकी सजाकर आरती पूजन से हुई ! तत्पश्चात पंचवटी में राम लक्ष्मण और माता जानकी एक वृक्ष के नीचे बैठे थे तभी वहां रावण की बहन शूर्पणखा पहुंचती है ! और वह भगवान राम से विवाह का प्रस्ताव रखती है ! मना करने पर वह माता जानकी को हानि पहुंचाना चाहती है ! इतने में भगवान राम का इशारा पाकर भैया लक्ष्मण ने सूर्पनखा का नाक कान काट दिया ! यह समाचार लेकर जब रोती हुई सूर्पनखा दण्डक वन में खर दूषण के पास पहुंची ! तो क्रोध के आवेश में खर और दूषण अपनी सेना के साथ पंचवटी में पहुंच जाते हैं ! जहां पर भगवान राम इन राक्षसों का वध कर देते हैं ! यह समाचार जब रावण को प्राप्त होता है तो वह योजना बनाकर मामा मरीज को बुलवाता है ! और उन्हें स्वर्ण मृग बनकर राम लखन को बहलाने का आदेश देता है ! इस प्रकार वह स्वयं बाबा जी वन कर कुटिया में प्रवेश करता है ! और माता सीता का हरण कर लेता है ! माता सीता का विलाप सुनकर गिद्धराज जटायु वहां पहुंच जाते हैं और रावण से घनघोर युद्ध होता है ! जटायु वीरगति को प्राप्त होते हैं ! इधर मर्यादा पुरुषोत्तम राम और लक्ष्मण जी माता सीता की खोज करते हुए माता शबरी के आश्रम में पहुंचते हैं ! अपनी कुटिया में राम लक्ष्मण का दर्शन कर माता शबरी की बरसों की प्रतीक्षा पूर्ण होती हैं ! और शबरी के बताए हुए मार्ग पर आगे चलकर सुग्रीव से मिलते हैं ! जहां राम और सुग्रीव की मित्रता होती है ! मुख्य किरदार निभाने वालों में राम आकाश गुप्ता, लक्ष्मण राज गुप्ता , रावण सुशील गुप्ता, मामा मारीच आशीष गुप्ता, हनुमान अमित राय, खर रजनीश कमलापुरी, दूषण अनूप कुमार गुप्ता, बालि विक्की मोदनवाल, सुग्रीव आशीष कसौधन, गणेश चंद्र गुप्ता, ओमप्रकाश, बसंत लाल, परमानंद गुप्ता , इंद्रपाल, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, धर्मेंद्र सोनी आदि के अभिनय को लोगों ने खूब सराहा ! कार्यक्रम का निर्देशन कपिल नाथ गुप्ता ने कि
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