(रायपुर) साइबर सुरक्षा, हम सबकी जिम्मेदारी
रायपुर,21 सितंबर (आरएनएस)। डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध के मामले भी सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी फिशिंग लिंक, फर्जी बैंक अधिकारी, अपडेट, सोशल मीडिया ठगी और ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर लोगों की निजी जानकारी एवं मेहनत की कमाई को निशाना बना सकते हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्कता बेहद जरूरी है।
साइबर ठगी से बचने के लिए किसी भी अज्ञात या संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और किसी के साथ ह्रञ्जक्क, पासवर्ड, क्कढ्ढहृ या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई है। बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाले लोगों से भी सावधान रहें। बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी फोन पर साझा नहीं करनी चाहिए।
इसी तरह बिना लॉटरी खरीदे किसी इनाम की जानकारी मिलने पर उसके लालच में न आएं। ्यङ्घष्ट अपडेट के नाम पर भेजे गए अनजान लिंक पर जानकारी दर्ज करने या अनधिकृत एप डाउनलोड करने से बचें।
सोशल मीडिया पर अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने और किसी अपरिचित व्यक्ति द्वारा पैसों की मांग किए जाने पर सावधानी बरतें। ऑनलाइन खरीदारी के लिए केवल आधिकारिक और विश्वसनीय वेबसाइट या एप का उपयोग करें।
सट्टेबाजी, फर्जी निवेश योजनाओं और जल्दी पैसा कमाने का लालच देने वाली योजनाओं से भी दूर रहने की अपील की गई है। यदि कोई व्यक्ति डिजिटल अरेस्ट, धमकी या ब्लैकमेल के जरिए डराने का प्रयास करे तो घबराएं नहीं और तत्काल पुलिस की मदद लें।
ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
यदि आपके साथ साइबर धोखाधड़ी होती है तो घबराने के बजाय तत्काल शिकायत करें। समय पर सूचना देने से ठगी की रकम को रोकने या आगे की कार्रवाई में मदद मिल सकती है। साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल संपर्क करें।
साइबर सुरक्षा केवल तकनीक का विषय नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। सतर्क रहें, गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें।
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