जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ मुकदमे में शिकायतकर्ता का बयान दर्ज
ब्राह्मणों पर अभद्र टिप्पणी का मामला, गवाही के बाद वारंट जारी होगा
प्रयागराज। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ दर्ज परिवाद मामले में सोमवार को प्रयागराज की जिला अदालत में सुनवाई हुई। परिवाद दर्ज कराने वाले वाराणसी निवासी सुरेश चंद्र उपाध्याय धारा 200 के तहत बयान दर्ज करा दिया। एसीजेएम कोर्ट में उनका बयान दर्ज कर लिया गया। नोटिस भेजे जाने के बावजूद रामभद्राचार्य कोर्ट में पेश नहीं हुए और न ही उनकी ओर से कोई जवाब दाखिल किया गया। सुरेश चंद्र उपाध्याय का कहना है कि अब 202 का बयान दर्ज होगा, गवाही होगी। इसके बाद कोर्ट जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ जमानती वारंट जारी करेगा। अब मामले की सुनवाई दो दिसंबर को होगी। यह मामला ब्राह्मणों की उपजातियों को लेकर अभद्र बयान से जुड़ा है।
वाराणसी के रहने वाले सुरेश चंद्र उपाध्याय ने 14 सितंबर 2026 को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। मामला वृंदावन में भागवत कथा के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। आरोप है कि रामभद्राचार्य ने कहा था कि ऊंच कुल के ब्राह्मण अपनी बेटियां उपाध्याय, चौबे, त्रिगुणायत, दीक्षित और पाठक समाज में नहीं देते, क्योंकि वे इन समुदायों को अधम मानते हैं।
उपाध्याय समाज की छवि खराब होने का आरोप परिवादकर्ता का कहना है कि लोग रामभद्राचार्य का सम्मान करते हैं और उनकी बातों का असर समाज पर पड़ता है। उनके मुताबिक, कथित बयान के बाद उपाध्याय समाज के लोगों को गलत नजर से देखा जाने लगा है और लड़के-लड़कियों की शादियों में भी रुकावटें आने लगी हैं।
सुरेश चंद्र उपाध्याय ने इसी आधार पर रामभद्राचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले में अब अदालत की अगली सुनवाई दो दिसंबर को हो
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