मतदाता सूची अभियान पर सपा ने उठाए सवाल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची के विशेष अभियान में राजनीतिक दलों को शामिल करने की मांग की। पार्टी ने भारत निर्वाचन आयोग से तत्काल राजनीतिक दलों की बैठक बुलाकर अभियान के निर्देश साझा करने तथा जनपद स्तर पर भी दलों के प्रतिनिधियों को जानकारी देने की मांग की है।सपा ने आरोप लगाया कि पांच अक्टूबर से शुरू किए गए एक माह के विशेष अभियान से पहले राजनीतिक दलों से चर्चा नहीं की गई। पार्टी ने दावा किया कि बीएलओ को 20 से 25 नए मतदाता जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है, जिससे प्रदेश में करीब 50 लाख नए मतदाता जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन आरोपों पर आयोग का पक्ष ज्ञापन में नहीं दिया गया है।ज्ञापन में कहा गया कि एसआईआर की प्रक्रिया के तहत चार नवंबर 2025 से 166 दिनों तक प्रदेश के एक लाख 62 हजार 486 बूथों पर बीएलओ ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाए। छह जनवरी 2026 को प्रारूप और 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई। सपा ने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में 100 दिन से भी कम समय शेष है और विशेष अभियान के बाद वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण भी होना है।पार्टी ने 23 अक्टूबर को होने वाले स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 विधान परिषद सीटों के मतदान के दिन संबंधित क्षेत्रों में सार्वजनिक अथवा स्थानीय अवकाश घोषित करने की मांग की है। सपा का कहना है कि इससे मतदाता बिना असुविधा के मतदान कर सकेंगे।बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पात्र मतदाताओं के नाम नहीं हटाने की भी मांग की गई है। किसी नाम को अपात्र होने के आधार पर हटाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी अथवा शिक्षक का नाम और अपात्रता का स्पष्ट कारण अभिलेख में दर्ज कर सार्वजनिक करने की मांग की गई।प्रतिनिधिमंडल में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल रहे। उन्होंने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का आग्रह किया।
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