लापरवाह ईओ के निलंबन की संस्तुति, सीएमओ का वेतन रोकने के निर्देश

लापरवाह ईओ के निलंबन की संस्तुति, सीएमओ का वेतन रोकने के निर्देश

– संस्थागत प्रसव 60 प्रतिशत मिलने पर मंडलायुक्त नाराज, 80 प्रतिशत होने तक नहीं मिलेगा वेतन

– अधिकारियों को योजनाओं में तेजी लाने की मंडलायुक्त ने दी चेतावनी

फोटो परिचय- (1) जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेते मंडलायुक्त डा. लोकेश एम.।

फतेहपुर। शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था व स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर मंडलायुक्त प्रयागराज मंडल डॉ. लोकेश एम. ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर मिलने पर नगर पालिका परिषद सदर के अधिशाषी अधिकारी के निलंबन के लिए शासन स्तर पर पत्राचार करने के निर्देश दिए। वहीं जिले में संस्थागत प्रसव का आंकड़ा महज 60 प्रतिशत मिलने पर मुख्य चिकित्साधिकारी का वेतन 80 प्रतिशत लक्ष्य हासिल होने तक रोकने के निर्देश दिए।

मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक हुई। इस दौरान केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं व विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने नगर निकायों की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संबंधित नोडल अधिकारी नगर पालिका व नगर पंचायतों के कार्यों की नियमित समीक्षा करें तथा लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाए। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा में संस्थागत प्रसव की स्थिति असंतोषजनक मिलने पर उन्होंने सीएमओ को महिलाओं व बच्चों का नियमित टीकाकरण कराने तथा सभी स्वास्थ्य सुविधाएं संवेदनशीलता के साथ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चिन्हित सैम बच्चों के परिवारों को शौचालय, पेंशन, जॉब कार्ड, राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान कार्ड और स्वयं सहायता समूह जैसी योजनाओं से पात्रता के आधार पर जोड़ने को कहा। साथ ही बच्चों के नियमित वजन और लंबाई की जांच तथा पोषाहार और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने जल जीवन मिशन के तहत निर्मित पानी की टंकियों व पूर्ण हो चुकी अन्य परियोजनाओं की जिला स्तरीय अधिकारियों से गुणवत्ता जांच कराने को कहा। वहीं ग्राम समाज, खलिहान, परती, तालाब व चारागाह की सरकारी जमीनों को संपत्ति रजिस्टर में दर्ज कराकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। अतिक्रमण मुक्त तालाबों की सूची सीडीओ को उपलब्ध कराने को कहा, जिससे उनका सौंदर्यीकरण कराया जा सके। तालाबों में पाथवे और तार की बाउंड्री बनाने के साथ जरूरत के अनुसार उन्हें मूल स्वरूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए। दीपावली को भव्य एवं दिव्य दीपोत्सव के रूप में मनाने पर जोर देते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि दीपक बनाने का कार्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कराया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने मंडलायुक्त को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन कराया जाएगा। इस मौके पर सीडीओ पवन कुमार मीना, एडीएम न्यायिक, एसडीएम सदर, बिंदकी व खागा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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